नई दिल्ली। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (Tata Sons Chairman N. Chandrasekaran) ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, फरवरी 2027 तक वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे और दोबारा नियुक्ति नहीं मांगेंगे। बता दें कि टाटा संस (Tata Sons) ने फरवरी में एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran)को दोबारा चेयरमैन बनाने के फैसले को टाल दिया था। इसकी वजह टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा की आपत्ति बताई गई थी।
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चंद्रशेखरन 1987 में टाटा ग्रुप (Tata Group) से जुड़े थे। इसके बाद 2009 में वह TCS के CEO बने और 2017 में टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले 12 अगस्त को रिपोर्ट आई थी कि वह 18 अगस्त की AGM से पहले पद छोड़ने की संभावना पर करीबी लोगों से चर्चा कर चुके थे।
क्यों लिया एन. चंद्रशेखरन ने पद छोड़ने का फैसला?
टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन वार्षिक (Tata Sons Chairman N. Chandrasekaran) आम बैठक (AGM) से पहले पद छोड़ने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों से इस संभावना पर चर्चा के बाद इस्तीफा दे दिया है। यह स्थिति उनके निदेशक पद पर पुनर्नियुक्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण सामने आई है। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चंद्रशेखरन स्वयं इस्तीफा देने पर विचार कर रहे थे। वह शेयरधारकों के संभावित विवादास्पद मतदान पर अपना भविष्य नहीं छोड़ना चाहते थे।
चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक जारी है। अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए उनका टाटा संस के निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्त होना जरूरी है। कंपनी की एजीएम में 18 अगस्त को उनके निदेशक पद पर पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव पर शेयरधारकों द्वारा मतदान किया जाना है। समूह के भीतर कुछ अहम मुद्दों पर मतभेदों की खबरें भी सामने आ रही हैं।
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क्या है नेतृत्व में बदलाव की वजह?
यह अनिश्चितता टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा (Tata Trusts Chairman Noel Tata) और एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेदों से जुड़ी बताई जा रही है। टाटा ट्रस्ट्स, टाटा संस (Tata Sons) का सबसे बड़ा शेयरधारक है। यह समूह की रणनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फरवरी में टाटा संस (Tata Sons) के मंडल ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर फैसला टाल दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, नोएल टाटा ने समूह के कुछ नए कारोबारों के प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई थी। इसी वजह से मंडल ने इस विषय पर अंतिम निर्णय को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
चंद्रशेखरन का टाटा समूह से जुड़ाव कैसा रहा है?
एन. चंद्रशेखरन का टाटा समूह (Tata Group) के साथ लंबा जुड़ाव रहा है। उन्होंने वर्ष 1987 में समूह में अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की थी। बाद में वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने। उन्होंने कंपनी को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2017 में उन्हें टाटा संस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनका अनुभव समूह के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा है।
शेयर बाजार पर क्या पड़ा असर?
इन अटकलों का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। बुधवार सुबह कारोबार के दौरान टाटा समूह (Tata Group) की कई कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। टाटा उपभोक्ता उत्पाद का शेयर एनएसई पर एक फीसदी से अधिक गिरकर करीब 1,066 रुपये पर कारोबार करता दिखा। टीसीएस का शेयर भी लगभग एक फीसदी फिसलकर 2,424.50 रुपये के आसपास पहुंच गया। टाइटन कंपनी (Titan Company) का शेयर करीब 1.03 फीसदी की गिरावट के साथ 5,075.10 रुपये पर कारोबार करता दिखा। टाटा पावर (Tata Power) का शेयर लगभग 0.9 फीसदी गिरकर 376.60 रुपये पर पहुंच गया।