मुजफ्फरनगर: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की ओडिशा की राजधानी भुनेश्वर में गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके में राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल तेज हो गई है। टिकैत को ओडिशा पुलिस ने जब हिरासत में लिया तब वे किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित एक महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे।
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पुलिस प्रशासन का कहना है कि दिशा निर्देश (Section 144) का उल्लंघन करने और बिना अनुमति के भीड़ जुटाने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, किसान समर्थकों का आरोप है कि यह उनकी आवाज दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही हजारों की संख्या में किसान मुजफ्फरनगर के स्थानीय थाने के बाहर जमा हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से सड़क जाम कर दी है और सरकार खिलाफ नारे लगा रहे हैं।
किसान यूनियन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ‘राकेश टिकैत’ को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाएगा , तब तक थाने का घेराव खत्म नहीं होगा। भाकियू के अन्य नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द से जल्द रिहाई नहीं हुई, तो आंदोलन को पूरे उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों तक फैलाया दिया जाएगा। सावधानी के तौर पर जिले में भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती कर दी गई है। जिला मजिस्ट्रेट स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसान प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत की कोशिश कर रही है।
अभी माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं की अच्छी तरह से निगरानी की जा रही है। विपक्षी दलों ने भी इस गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है।
रिपोर्ट: सुशील कुमार साह