नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इससे उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इस कार्यक्रम से पहले एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को भी संबोधित किया। फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर ने राज्य की विकास पहलों, जिसमें जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आने वाला इंटरनेशनल फिल्म सिटी प्रोजेक्ट शामिल है को अपना समर्थन दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन की तारीफ की। इस पहल के बारे में बात करते हुए कपूर ने कहा कि देखिए मैं सिर्फ विकास में मदद नहीं कर रहा हूं, मैं इसका हिस्सा बन रहा हूं। यह पीएम नरेंद्र मोदी हैं जिनके पास यह दूरदर्शिता है और सीएम योगी आदित्यनाथ हैं जिन्होंने इन सबका सपना देखा था। हम सब बस उन सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं इंटरनेशनल फिल्म सिटी डेवलप कर रहा हूं।
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इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश को एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म प्रोडक्शन हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल नौकरियाँ पैदा करेगा और निवेश आकर्षित करेगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा देगा। फिल्म प्रेमियों और युवाओं के लिए यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक नौकरी का अवसर नहीं होगा। यह उनके सपनों को पूरा करने का एक मंच होगा। इस प्रोजेक्ट से लगभग पांच लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इस बीच, शनिवार को हुए पहले चरण के उद्घाटन के बाद जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट का पहला चरण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपए के कुल निवेश से डेवलप किया गया है। पीएमओ के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत के एक वैश्विक एविएशन हब बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह एयरपोर्ट जिसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में परिकल्पित किया गया है। देश के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में डेवलप किया गया है। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पूरक होगा। साथ मिलकर ये दोनों एयरपोर्ट एक एकीकृत एविएशन सिस्टम के रूप में काम करेंगे, जिससे भीड़ कम होगी, यात्रियों की क्षमता बढ़ेगी और दिल्ली NCR दुनिया के अग्रणी एविएशन हब में से एक के रूप में स्थापित होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत के सबसे बड़े ग्रीनफ़ील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस एयरपोर्ट की शुरुआती यात्री संभालने की क्षमता 12 मिलियन यात्री प्रति वर्ष होगी और पूरी तरह से विकसित होने पर यह क्षमता बढ़कर 70 मिलियन यात्री प्रति वर्ष तक हो जाएगी। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है। साथ ही इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम भी हैं, जिनमें इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और उन्नत एयरफ़ील्ड लाइटिंग शामिल हैं, ताकि एयरपोर्ट का संचालन हर मौसम में, दिन-रात बिना किसी रुकावट के हो सके। इस एयरपोर्ट में एक मज़बूत कार्गो इकोसिस्टम भी शामिल है, जिसमें एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब है।