लखनऊ। आपातकाल की 50वीं बरसी पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हिसा लिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि, आज ही के दिन कांग्रेस ने और उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए संविधान का गला घोंटा था। वो चाहती थीं कि मेरी सत्ता बनी रहे चाहे लोकतंत्र रहे न रहे।
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मुख्यमंत्री ने कहा, आज का दिन उन चेहरों को बेनकाब करने का एक अवसर है, जिन लोगों ने लोकतंत्र की आड़ में अपने स्वार्थ के लिए भारत के मूल्यों और आदर्शों की बलि चढ़ाने का कुत्सित प्रयास किया था। आपातकाल के काले अध्याय के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज लखनऊ में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम’ में सहभाग किया। इस अवसर पर ‘आपातकाल’ की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर ‘भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय’ विषयक संगोष्ठी का शुभारंभ किया, साथ ही संविधान का गला घोंटने वालों के विरुद्ध अपना स्वर बुलंद करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया।
आज का दिन उन चेहरों को बेनकाब करने का एक अवसर है, जिन लोगों ने लोकतंत्र की आड़ में अपने स्वार्थ के लिए भारत के मूल्यों और आदर्शों की बलि चढ़ाने का कुत्सित प्रयास किया था।
आपातकाल के काले अध्याय के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज लखनऊ में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस… pic.twitter.com/768C0OkGKo
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 25, 2025
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उन्होंने आगे कहा, पं. नेहरू की सरकार से लेकर लगातार जब भी अवसर मिला, कांग्रेस ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी और भारत के संविधान को अपमानित करने का कोई मौका नहीं गंवाया। मौलिक स्वतंत्रता को रौंदने का काम संविधान लागू होने के तत्काल बाद से कांग्रेस नेतृत्व की सरकारों ने प्रारंभ किया और यह सिलसिला जो वहां से प्रारंभ हुआ, वर्ष 1975 उसकी पराकाष्ठा थी…
साथ ही कहा, ‘इनका’ दोहरा चरित्र लोकतंत्र के लिए खतरनाक है…साथ ही, उन मूल्यों एवं आदर्शों के सामने भी सबसे बड़ी बाधा है, जिसका सपना भारत के स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने देखा था। जब भी कांग्रेस, राजद और समाजवादी पार्टी को मौका मिला, उन्होंने लोकतंत्र का गला घोंटने में कोई कोताही नहीं बरती। हमें आने वाली पीढ़ी को बताना पड़ेगा-कौन लोग हैं, जिन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के सपने को चकनाचूर करने का काम किया था।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, उत्तर प्रदेश के अंदर जो हमारे लोकतंत्र सेनानी हैं, हम घोषणा कर रहे हैं कि उनको और उनके परिवार के सदस्यों के लिए कैशलेस उपचार की व्यवस्था प्रदेश के अंदर लागू करेंगे।