मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों भारी उथल-पुथल जारी है। अभी धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) के इस्तीफे का शोर खत्म भी नहीं हुआ था कि एक और मंत्री ने पालकमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। महाराष्ट्र के मंत्री हसन मुश्रीफ ने कोल्हापुर, मुंबई और वाशिम के बीच यात्रा संबंधी कठिनाइयों का हवाला देते हुए वाशिम के संरक्षक मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पहले छोटे जिले की जिम्मेदारी को लेकर नाराजगी जताई थी। मुश्रीफ अजित गुट से आते हैं।
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महाराष्ट्र के वैद्यकीय शिक्षण मंत्री और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता हसन मुश्रीफ ने वाशिम जिले के पालक मंत्री (संरक्षक मंत्री) पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे का मुख्य कारण कोल्हापुर, मुंबई और वाशिम के बीच लगभग 800 किलोमीटर की निरंतर यात्रा की कठिनाई बताई गई है, लेकिन इससे पहले वाशिम में आए पालकमंत्री मुश्रीफ ने वाशिम को छोटा जिला बताते हुए अपनी नाराजगी भी दिखाई थी।
इस फैसले के बाद, राज्य सरकार जल्द ही वाशिम जिले के लिए नए पालकमंत्री की नियुक्ति करेगी। इस बीच, अन्य जिलों में भी पालकमंत्री पदों को लेकर बदलाव की संभावना है। आने वाले दिनों में नासिक और रायगढ़ जिलों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
कागल सीट से विधायक हसन मुश्रीफ (Hasan Mushrif, MLA from Kagal seat) को महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis in Maharashtra) मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। वे अकेले मुस्लिम विधायक थे जो फडणीस सरकार में मंत्री बने। देश के जिन 13 राज्यों में बीजेपी (BJP)के सीएम हैं, उसमें उत्तर प्रदेश में दानिश अंसारी एकमात्र मुस्लिम सदस्य हैं। महाराष्ट्र के एकमात्र मुस्लिम कैबिनेट मंत्री हसन मुश्रीफ के नाम से जाने जाते हैं, लेकिन उनका नाम हसन मिया लाल मुश्रीफ है।