लखनऊ। आईआईटी बीएचयू की छात्रा से गैंगरेप करने वाले दो आरोपियों को जमानत मिल गई। आरोपियों को जमानत मिलने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पूछा कि, सवाल ये है कि दुष्कर्म करने वालों की कोर्ट में लचर पैरवी करने का दबाव किसका था। आशा है सच्ची पत्रकारिता करनेवाली सभी महिला एंकर इसके बारे में अपना एक शो ज़रूर करेंगी।
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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, भाजपा की आईटी सेल के पदाधिकारी के रूप में काम करने वाले बीएचयू गैंग रेप के तीन आरोपियों में से दो को ज़मानत मिलने की ख़बर निंदनीय भी है और चिंतनीय भी। सवाल ये है कि दुष्कर्म करने वालों की कोर्ट में लचर पैरवी करने का दबाव किसका था। ये देश की बेटियों का मनोबल गिराने की शर्मनाक बात है कि न केवल ये बलात्कारी बाहर आ गये बल्कि ऐसी भी ख़बरें हैं कि भाजपाई परम्परानुसार इनका फूल-मालाओं से स्वागत भी हुआ है।
उन्होंने आगे लिखा कि, भाजपा इस बारे में देश की बहन-बेटियों से कुछ कहना चाहेगी? आशा है सच्ची पत्रकारिता करने वाली सभी महिला एंकर इसके बारे में अपना एक शो ज़रूर करेंगी। इस अति संवेदनशील मामले में तो हम भाजपा-संबद्ध उन तथाकथित ‘ईमानदार’ पत्रकारों से भी, रस्म अदायगी के स्तर पर ही सही, उनके महिला होने के नाते, इतनी उम्मीद तो कर सकते हैं कि वो बोलेंगीं नहीं लेकिन इस जमानत को सही ठहराने के लिए कुतर्क करनेवाले भाजपाई प्रवक्ताओं को कम से कम टोकेंगी तो, उन सबसे इससे ज़्यादा की उम्मीद रखना बेमानी है। भाजपा स्पष्ट करे कि क्या देश के ‘प्रधान संसदीय’ क्षेत्र में भाजपाई कार्यकर्ताओं को दुष्कर्म करने की विशेष छूट और स्वतंत्रता मिली हुई है? बेहद शर्मनाक!
बता दें कि, आईआईटी बीएचयू की छात्रा से गैंगरेप करने वाले दो आरोपियों को जमानत मिल गई। घर पहुंचे दोनों युवकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया गया। पिछले साल नवंबर में छात्रा से गैंगरेप को लेकर आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने कई दिनों तक प्रदर्शन किया था, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। आरोपी भाजपा से जुड़े हुए थे।