उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम का दावा है कि पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के फाइनल ड्राफ्ट के बाद 13,150 लोगों के नाम बदल दिए गए। कांग्रेस का आरोप है कि यह बदलाव जुलाई से सितंबर के बीच हुआ, जबकि संबंधित मतदाताओं के EPIC नंबर यानी वोटर आईडी नंबर पहले जैसे ही रखे गए।
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कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब वोटर आईडी नंबर तो वही है, लेकिन सूची में नाम बदल गया है, तो मतदाता मतदान केंद्र पर अपना नाम कैसे खोज पाएगा? पार्टी ने इस पूरे मामले की जांच कराने और बदलाव के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग की है।
एक सीट पर 16 हजार वोटों में बदलाव का आरोप
राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक, पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में करीब 2,600 ऐसे लोगों के नाम भी जोड़े गए हैं, जो वहां के निवासी नहीं हैं। कांग्रेस का दावा है कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में लगभग 16 हजार मतदाताओं के नाम बदले गए या सूची से हटाए गए।
पार्टी ने सवाल उठाया कि जब SIR का फाइनल ड्राफ्ट जारी हो चुका था, तो उसके बाद मतदाता सूची में इतने बड़े बदलाव कैसे हुए? हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन आयोग का पक्ष सामने आना जरूरी है।
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सुप्रिया श्रीनेत बोलीं- अपना EPIC नंबर जरूर जांचें
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि फिलहाल यह मामला एक विधानसभा क्षेत्र में सामने आया है और पार्टी दूसरे क्षेत्रों में भी ऐसे बदलावों की जांच कर रही है। उनका आरोप है कि फाइनल ड्राफ्ट के बाद सॉफ्टवेयर के जरिए मतदाता सूची में बदलाव किए गए। उन्होंने दावा किया कि इनमें ज्यादातर बदलाव एक खास समुदाय और पुरुष मतदाताओं से जुड़े हैं।
सुप्रिया श्रीनेत ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से अपने EPIC नंबर और मतदाता सूची में दर्ज नाम का मिलान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से बदला गया है, तो वह कांग्रेस से संपर्क कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जिलाधिकारी और एसडीएम इस मामले में शामिल नहीं हैं, तो उन्हें सामने आकर बताना चाहिए कि ये बदलाव किसने किए।
सुप्रीम कोर्ट से SIR पर रोक लगाने की मांग
कांग्रेस ने इस मामले में दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पार्टी चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाए और अब तक किए गए बदलावों की समीक्षा की जाए। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि मतदाता सूची में कथित बदलाव किसके निर्देश पर हुए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
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आराधना मिश्रा बोलीं- निर्वाचन आयोग के खिलाफ लड़ाई तेज होगी
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के खिलाफ पार्टी की लड़ाई अब उत्तर प्रदेश में भी तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार राजनीतिक दल होने के नाते कांग्रेस मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
आराधना मिश्रा के मुताबिक, पार्टी इस मामले में कानूनी सलाह लेगी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा आयोग के आईटी सेल की प्रभारी सीमा खन्ना के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाएगी। कांग्रेस के इन आरोपों के बीच अब निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया और मतदाता सूची में हुए कथित बदलावों की जांच अहम होगी। फिलहाल, आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आना जरूरी है।