Vaishakh Amavasya 2025 : वैशाख अमावस्या के दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को सभी दुखों से मुक्ति मिल जाती है। 27 अप्रैल को वैशाख अमावस्या है। इस दिन स्नान-दान करने का विधान है। इसके अलावा अमावस्या के दिन पितरों का पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण भी किया जाता है। ऐसा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही पितृ अपनी संतानों से प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा वैशाख अमावस्या के दिन पितृ चालीसा का पाठ करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह पाठ पितृ पक्ष के दौरान किया जाता है और इससे पितृ दोष भी दूर होता है।
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मान्यता है कि पितृ चालीसा का पाठ पितृ दोष को दूर करने में भी सहायक होता है।
पितृ चालीसा पाठ से जुड़े मंत्र:
ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः
ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च
अमावस्या तिथि पितरों को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। घर में क्लेश से लेकर हर समय बीमारी का वास रहता है तो इसकी वजह पितृदोष हो सकता है, इसके निवारण के लिए वैशाख अमावस्या पर पितृ चालीसा का पाठ जरूर करें।