Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. तकनीक
  3. WhatsApp ने भारत सरकार को दी धमकी, कहा-देश छोड़ देंगे, पर नहीं तोड़ेंगे एन्क्रिप्शन

WhatsApp ने भारत सरकार को दी धमकी, कहा-देश छोड़ देंगे, पर नहीं तोड़ेंगे एन्क्रिप्शन

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग एप WhatsApp और भारत सरकार (Indian Government) के बीच लंबे समय से लड़ाई जारी है। अब यह लड़ाई आखिरी चरण में पहुंच गई है। WhatsApp इस बार आर-पार के मूड में नजर आ रहा है। सरकार की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि WhatsApp को मैसेज के सोर्स के बारे में बताना होगा यानी कोई मैसेज पहली बार कब और कहां से भेजा गया था इसकी जानकारी देनी होगी? इस मसले पर WhatsApp का कहना है कि इसके लिए एन्क्रिप्शन तोड़ना होगा और यह उसकी प्राइवेसी पॉलिसी (Privacy Policy) के खिलाफ है।

पढ़ें :- सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने AAP विधायक कुलदीप कुमार को किया किडनैप : सौरभ भारद्वाज

…तो छोड़ देंगे देश

WhatsApp की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में कहा गया है कि व्हाट्सएप (WhatsApp) का इस्तेमाल लोग इसलिए करते हैं क्योंकि यह एन्क्रिप्टेड है और लोगों को इसकी प्राइवेसी पर भरोसा है। यूजर्स ये जानते हैं कि WhatsApp पर भेजे गए मैसेज एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं। ऐसे में उनके मैसेज को कोई भी नहीं पढ़ सकता है, लेकिन एन्क्रिप्शन तोड़ने के बाद इसकी प्राइवेसी खत्म हो जाएगी। अगर भारत सरकार ने एन्क्रिप्शन तोड़ने के लिए मजबूर किया तो हमें देश छोड़ना होगा।

बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक व्हाट्सएप (WhatsApp) की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court)  में वकील तेजस कारिया ने कार्यवाहक चीफ जस्टिस मनमोहन (Acting Chief Justice Manmohan) और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा (Justice Manmeet Pritam Singh Arora) की पीठ से कहा कि एक प्लेटफॉर्म के तौर पर हम कह रहे हैं कि अगर हमें एन्क्रिप्शन तोड़ने के लिए कहा जाता है, तो हम यहां से चले जाएंगे।

कब लागू हुए आईटी नियम?

पढ़ें :- Ram Mandir Donation Row : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को दी क्लीन चिट

व्हाट्सएप (WhatsApp) की ओर से कहा गया कि यदि वास्तव में ऐसा किया जाए तो हमें मैसेजों की एक पूरी चेन तैयार रखनी होगी, क्योंकि हमें नहीं पता है कि कौन से मैसेज को कब डिक्रिप्ट करने के लिए कह दिया जाए। इसके लिए अरबों मैसेज को सालों तक स्टोर करना होगा।

केंद्र सरकार ने 25 फरवरी, 2021 को ‘इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी’ (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 का एलान किया था। इसमें कहा गया था कि सभी सोशल मीडिया कंपनियों को आईटी (IT) के नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा यदि किसी मैसेज को लेकर शिकायत की जाती है तो कंपनी को यह बताना होगा कि वह मैसेज पहली बार कब और कहां से भेजा गया था।

क्या होता है एन्क्रिप्शन?

व्हाट्सएप (WhatsApp) अपने मैसेज प्लेटफॉर्म के लिए एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करता है। एन्क्रिप्शन का मतलब यह है कि आपके द्वारा मैसेज गए मैसेज की जानकारी सिर्फ आपको और उसे है जिसे आपने भेजा है। कंपनी के पास भी आपके मैसेज की जानकारी नहीं होती है कि आपके क्या भेजा है यानी आपके मैसेज को कोई भी तीसरा व्यक्ति नहीं पढ़ सकता है।

पढ़ें :- ट्रंप भारत के CEC ज्ञानेश कुमार के सवाल से हुए प्रभावित! अमेरिकी चुनाव प्रणाली में बदलाव के दिये संकेत
Advertisement