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‘बटेंगे तो कटेंगे’ का नारा जिसने भी दिया, यह महाकुम्भ उसके मुंह पर तगड़ा तमाचा है : ज्योतिर्मठ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

By santosh singh 
Updated Date

प्रयागराज। हाल ही में देश के कुछ राज्यों में संपन्न विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बटेंगे तो कटेंगे नारा दिया था। ज्योतिर्मठ के शङ्कराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज (Shankaracharya Avimukeshwarananda Saraswati Ji Maharaj of Jyotirmath) के अधिकारिक एक्स पोस्ट पर लिखा कि बीते कई दिनों से बटेंगे तो कटेंगे नारे ने एक अलग रफ्तार पकड़ी हुई है। लेकिन अब महाकुंभ (Maha Kumbh) में आए एक साधु बाबा ने इस पर ऐसी बात कही कि नारा लगाने वालों के मुंह पर जोरदार तमाचा पड़ा है। उन्होंने कहा कि यहां कुंभ में कोई किसी की जात पूछ रहा है क्या? ऐसे में ये उन लोगों के मुंह पर तमाचा ही है।

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सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ये कुंभ दिखा रहा है कि हम बंटे नहीं हैं। मीडिया बता रहा है कि 40 करोड़ श्रद्धालु आ रहे हैं। किसी भी दूसरे धर्म में इतनी बड़ी संख्या में लोग आज तक क्या इक्टठा हुए हैं? जिनके बारे में आप कहते हैं कि वह बंटे नहीं हैं हम बंटे हैं। ऐसा नारा देकर गलत व्याख्या कर रहे हैं। हमारे उन बच्चों के मन में जो कच्चे हैं आप ये बात बैठा रहे हो कि हमारा समाज बंटा हुआ है। जबकि हमारा समाज बंटा हुआ ही नहीं है। ये है हमारे समाज की एकता जो 40 करोड़ लोग इक्टठा होने पवित्र संगम में डुबकी लगा रहे हैं।

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