उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा चुनावी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो 16 अगस्त को सरकारी अवकाश घोषित किया जाएगा। यह छुट्टी वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती के सम्मान में होगी।
UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले ही वादों और सियासी संदेशों का दौर तेज हो गया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सरकार आने पर जिस तरह 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सरकारी अवकाश रहता है, उसी तरह 16 अगस्त को रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती के अवसर पर छुट्टी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला केवल अवकाश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की ओर से रानी अवंतीबाई लोधी के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम और उत्सव भी आयोजित किए जाएंगे।
लोधी समाज को राजनीतिक सम्मान देने का वादा
अखिलेश यादव ने इस दौरान लोधी समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सम्मान देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज में भरोसा पैदा करने के लिए उसे राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उचित सम्मान और स्थान मिलना जरूरी है। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि उनकी पार्टी लोधी समाज के लोगों को आगे बढ़ाने और उन्हें राजनीतिक मंच पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की दिशा में काम करेगी।
बीजेपी सरकार पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने ‘डबल इंजन’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को अपनी ताकत पर काफी भरोसा है, लेकिन युवाओं ने कई मौकों पर अपनी ताकत दिखाकर सरकार को पीछे हटने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की राजनीति में नई पीढ़ी तेजी से बदलाव ला रही है और युवाओं की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण होने वाली है।
चुनाव से पहले सियासी संदेश
अखिलेश यादव का 16 अगस्त को सरकारी छुट्टी का ऐलान ऐसे समय में आया है, जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। माना जा रहा है कि रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती को सरकारी स्तर पर मनाने और लोधी समाज को राजनीतिक सम्मान देने की घोषणा के जरिए सपा ने एक अहम सामाजिक वर्ग तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश की है।
अब इस ऐलान पर बीजेपी समेत अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। साथ ही यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी माहौल में सपा के इस वादे को लोधी समाज और प्रदेश की जनता किस रूप में लेती है।