नई दिल्ली। यूरोप के तीन प्रमुख देशों फ्रांस, स्पेन और इटली में छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शनों ने फिर से शिक्षा, महंगाई, रोजगार और आवास जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। इन तीनों देशों में विरोध की वजहें अलग-अलग हैं। इन प्रदर्शनों में बढ़ती जीवन-यापन लागत और भविष्य को लेकर युवाओं की चिंता एक साझा मुद्दे के तौर पर सामने आ रही है।
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फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी
सितंबर 2026 से फ्रांस में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की ओर से स्कूलों की स्थिति को लेकर विरोध की खबरें सामने आईं। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने शिक्षकों की कमी, स्कूलों की जर्जर इमारतों और जरूरी संसाधनों के अभाव का मुद्दा उठाया।
इन सभी प्रदर्शनकारियों की मांग है कि स्कूलों में खाली शिक्षक पदों को भरा जाए, कक्षाओं में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए। बाद में विरोध का दायरा बढ़ता गया और इसमें महंगाई, ईंधन की कीमतों, वेतन और पेंशन से जुड़े मुद्दे भी शामिल हो गए। आपको बता दें कि अक्टूबर के मध्य में कई जगहों पर प्रदर्शन तेज होने की खबरें सामने आईं। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प तथा तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
स्पेन में महंगे किराये ने बढ़ाई परेशानी
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स्पेन में विरोध का एक प्रमुख मुद्दा हाउसिंग क्राइसिस है। देश के बड़े शहरों में किराये और मकानों की कीमतों में बढ़ोतरी ने खास तौर पर युवाओं और कम आय वाले लोगों के लिए घर लेना मुश्किल कर दिया है। यहां के प्रदर्शनकारी किफायती आवास, किराये पर नियंत्रण और किरायेदारों को बेदखली से सुरक्षा जैसी मांगें उठा रहे हैं।
सितंबर में 87 वर्षीय मारिकर्मेन अबास्काल को किराये के घर से बेदखल किए जाने का मामला भी चर्चा में आया। इस घटना ने देश में बढ़ती आवास समस्या और बुजुर्ग किरायेदारों की स्थिति पर बहस को तेज किया। हालांकि, उनकी मृत्यु का कारण सीधे तौर पर बेदखली को बताने के लिए स्वतंत्र चिकित्सकीय प्रमाण जरूरी है।
इटली में शिक्षा, रोजगार और महंगाई के खिलाफ आवाज
इटली में छात्र और युवा शिक्षा की बढ़ती लागत, छात्र आवास की कमी, कम वेतन और अस्थिर रोजगार को लेकर विरोध कर रहे हैं। मिलान, ट्यूरिन और बोलोन्या जैसे शहरों में प्रदर्शनों की भी खबरें सामने आई हैं। वहीं कुछ जगहों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़प और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। इसके अलावा, ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर ट्रक चालकों, किसानों और मछुआरों की ओर से भी विरोध की खबरें सामने आईं।
तीनों देशों में क्या है कॉमन?
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था और महंगाई, स्पेन में महंगे मकान और किराये, जबकि इटली में रोजगार, शिक्षा और बढ़ती जीवन-यापन लागत प्रमुख मुद्दे हैं। हालांकि, इन तीनों देशों में हो रहे प्रदर्शन किसी एक साझा आंदोलन का अंश नहीं हैं। हर देश में प्रदर्शन की अपनी अलग वजहें और मांगें हैं। इसके बावजूद भी एक साझा चिंता जरूर दिखाई देती है, महंगी होती जिंदगी और युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ती असुरक्षा।
वहां के युवाओं का सवाल है कि यदि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी अच्छी नौकरी, किफायती घर और आर्थिक सुरक्षा हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है, तो आर्थिक विकास का लाभ आम लोगों और युवा पीढ़ी तक कैसे पहुंच पाएगा?