लखनऊ। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि अब्दुल कब तक समाजवादी पार्टी की दरी बिछाने का काम करेगा? उन्होंने कहा कि मैं अल्पसंख्यक समाज से अपील करता हूं कि आप अपना नेतृत्व संभालों समाजवादी पार्टी दो टके की पार्टी रह जाएगी। पार्षदी तक नहीं जिता पाएगी। केवल अल्पसंख्यक समाज अपना नेता चुन लें। पाठक ने आगे कहा कि 6 प्रतिशत वाले 20 प्रतिशत वालों से दरी बिछवाएंगे? उन्होंने कहा कि यह कहां का इंसाफ है? उन्होंने आगे कहा कि मैं मुस्लिम-अल्पसंख्यक समाज से कहता हूं कि आप कब तक हुक्का भरने का काम करोगे। कब तक दरी बिछाने का काम करोगे?
पढ़ें :- बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों की तत्काल कराएं मरम्मत...लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान बोले सीएम योगी
उन्होंने कहा कि सपाका वही हाल है कि ‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’। उन्होंने कहा कि इनका सबका साथ-सबका विकास से कोई मतलब नहीं है। यह केवल धर्म और जाति आधारित पार्टियां हैं इनको जनता से कोई मतलब नहीं है।
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक इसी बयान पर पलटवार करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह हार की हताशा, बिगाड़ती है भाषा। उन्होंने कहा कि ये इनका दरी बिछाने का अनुभव बोल रहा है। पहले कहीं और बिछाते थे, जब वहां कोई पूछ नहीं रह गयी तो आज जहां आये वहां तो दरी बिछाने लायक भी नहीं रह गये। इन्हें ही सपाट करके दरी बना दिया गया, जिसपर चलकर लोग कहां से कहां पहुंच गये?
ये चलाचली की इस अंतिम बेला में अपने भ्रष्टाचार के बिखरे सिक्के बटोरने में ही लगे हुए हैं : अखिलेश यादव
हार की हताशा, बिगाड़ती है भाषा।
पढ़ें :- BRICS Summit 2026 : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, बोले- प्रतिस्पर्धा करने से डरते हैं पश्चिमी देश
ये इनका दरी बिछाने का अनुभव बोल रहा है, पहले कहीं और बिछाते थे, जब वहाँ कोई पूछ नहीं रह गयी तो आज जहाँ आये वहाँ तो दरी बिछाने लायक भी नहीं रह गये। इन्हें ही सपाट करके दरी बना दिया गया, जिसपर चलकर लोग कहाँ से कहाँ पहुँच गये।
इनके कुवचनों पर हम…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 12, 2026
अखिलेश यादव ने कहा कि इनके कुवचनों पर हम क्रोध नहीं करेंगे बल्कि सहानुभूति रखते हैं, क्योंकि आजकल ये अस्त-व्यस्त और असंतुलित चल रहे हैं। इनका मंत्रालय कौन सा है? इन्हें ये भी याद नहीं होगा तभी वो बीमार-सा पड़ा है और ये चलाचली की इस अंतिम बेला में अपने भ्रष्टाचार के बिखरे सिक्के बटोरने में ही लगे हुए हैं।
पढ़ें :- असम की नगांव लोकसभा सीट के लिए बीजेपी ने पूर्व आईएएस अधिकारी देवाशीष शर्मा को घोषित किया अपना उम्मीदवार
अब ये किसी घाट के नहीं रहे, जाएं तो जाएं कहां?
श्री यादव ने कहा कि इनकी हालत इसलिए भी ज़्यादा ख़राब है क्योंकि इनके मुखिया की ‘हाता नहीं भाता’ की सालों पुरानी प्रतिशोधकारी कुनीति के कारण परम पूज्य शंकराचार्य जी और उनके बटुकों के घोर अपमान के बावजूद भी अपने स्वार्थवश ये बस राजनीतिक लाभ उठाने में ही लगे रहे। इनकी ‘बाटी-बैठक’ तक पर जो नोटिस आया तब भी इन्होंने उसको अपने नोटिस में नहीं लिया बल्कि अपने समाज से पूरी तरह मुँह मोड़ लिया। यही कारण है कि अब सनातन और अपने समाज, दोनों से इनका पूरी तरह ‘मानसिक बहिष्कार’ कर दिया गया है, अब ये किसी घाट के नहीं रहे। जाएं तो जाएं कहां?
अखिलेश यादव ने कहा कि हम तो शालीनता और सभ्यता से बस यही पूछेंगे कि जिस समाज को आप “दो टके” का कहकर घोर अपमानित कर रहे हैं, उनसे बुरी तरह हारने वाले के बाद आप ख़ुद कितने टके के रह गये हैं? PDA समाज के प्रति अपमानजनक भाषा कुछ ऐसे दंभी लोगों की पुरानी आदत है। पीडीए समाज इन्हें माफ़ नहीं करेगा। पीडीए समाज के ख़िलाफ़ दिये गये इस बयान से पीडीए समाज तो इनकी ‘राजनीतिक नाकाबंदी’ करेगा ही, इनका अपना वर्तमान दल भी, दल-बदल कर आये ऐसे व्यक्ति को बाहर का रास्ता दिखा देगा। मुखिया जी को इन्हें हटाने का बहाना, इन्होंने ख़ुद दे दिया है।
अब ये न सनातन के रहे, न अपने समाज के, न सियासत के लायक
उन्होंने कहा कि ये कथन नहीं राजनीतिक आत्महत्या है। अब ये न सनातन के रहे, न अपने समाज के, न सियासत के लायक। इनका राजनीतिक वर्तमान और भविष्य दोनों समाप्त… और ये पोस्ट भी।