भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। 36 वर्षीय चहल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। हालांकि यह उनके पूरे क्रिकेट करियर का अंत नहीं है...
Cricket Updates: भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। 36 वर्षीय चहल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। हालांकि यह उनके पूरे क्रिकेट करियर का अंत नहीं है। चहल ने साफ किया है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में खेलने और भारतीय टीम में दोबारा जगह बनाने की उनकी कोशिश जारी रहेगी।
17 साल का रेड-बॉल सफर हुआ खत्म
चहल ने अपने भावुक पोस्ट में बचपन की उस याद को साझा किया, जब उन्होंने पहली बार क्रिकेट की गेंद हाथ में पकड़ी थी। उन्होंने बताया कि वह गेंद लाल थी और उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 10 साल थी। उनके मुताबिक रेड-बॉल क्रिकेट ने उन्हें धैर्य रखने, मुश्किल परिस्थितियों में टिके रहने और हर रन-विकेट के लिए लगातार संघर्ष करने का महत्व सिखाया।
चहल ने भारत के लिए कभी टेस्ट मैच नहीं खेला। हालांकि फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उन्होंने लंबे समय तक गेंदबाजी की और अपने करियर में 49 मैचों में 148 विकेट हासिल किए। उन्होंने 2009 में हरियाणा की ओर से फर्स्ट-क्लास क्रिकेट की शुरुआत की थी।
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लॉर्ड्स में खेला आखिरी रेड-बॉल मुकाबला
चहल का फर्स्ट-क्लास करियर इंग्लैंड में समाप्त हुआ। उन्होंने 2026 काउंटी चैंपियनशिप में नॉर्थम्प्टनशायर की ओर से खेलते हुए लॉर्ड्स में मिडिलसेक्स के खिलाफ अपना आखिरी रेड-बॉल मुकाबला खेला। इस मैच में उन्होंने दो विकेट हासिल किए थे। चहल ने अपने संदेश में टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना पूरा नहीं होने का जिक्र भी किया। हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि देश के लिए खेलने की उनकी भूख अभी खत्म नहीं हुई है और वह वनडे तथा टी20 क्रिकेट में एक और मौका हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे। यानी चहल के करियर का रेड-बॉल अध्याय जरूर बंद हुआ है, लेकिन सफेद गेंद की क्रिकेट में उनका सफर जारी रहेगा।