Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. IIT कानपुर में नहीं मिला एडमिशन तो छात्र ने हैक कर ली संस्थान की वेबसाइट, छोड़ा ऐसा मैसेज, FIR की जगह मिला इंटर्नशिप का ऑफर

IIT कानपुर में नहीं मिला एडमिशन तो छात्र ने हैक कर ली संस्थान की वेबसाइट, छोड़ा ऐसा मैसेज, FIR की जगह मिला इंटर्नशिप का ऑफर

By santosh singh 
Updated Date

कानपुर। यूपी के कानपुर नगर जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। अब एक छात्र ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसकी चर्चा हर तरफ है। आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में बी.टेक साइबर सिक्योरिटी (B.Tech in Cyber ​​Security) में एडमिशन न मिलने पर नाराज छात्र ने संस्थान की वेबसाइट हैक कर ली। उसने वेबसाइट पर ‘Site is Hacked, All I Need is Just a Fair Chance’ मैसेज लिखकर छोड़ दिया। इस पर संस्थान में हड़कंप मच गया। छात्र का कहना है कि ऐसा उसने इसलिए किया ताकि वो अपनी प्रतिभा साबित कर सके।

पढ़ें :- प्रियंका गांधी , बोलीं-शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर सदन में जो कहा, उसमें कुछ भी असंसदीय नहीं , वो सच्चाई है, जिसका वीडियो भी है

पहले छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही गई। मगर, आईआईटी के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल (IIT Kanpur Director Manindra Agrawal) ने कार्रवाई के बजाय छात्र की क्षमता परखने का फैसला लिया और उसे संस्थान बुलाकर साइबर सिक्योरिटी टेस्ट (Cybersecurity Test) लेने की बात कही। छात्र के  सफल होने पर उसे C3iHub में इंटर्नशिप का मौका देगा।

यह है मामला?

पढ़ें :- लोकसभा में राहुल गांधी का सरकार पर वार, बोले-'पेपर लीक पर युवाओं का गुस्सा जायज', हर राजनीतिक दल को इस भाव व्यक्तता का करना चाहिए सम्मान

दरअसल, आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के नए बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कोर्स में एडमिशन न मिलने पर एक छात्र ने गुस्से में आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) और आईआईटी मद्रास (IIT Madras) की वेबसाइट के कुछ हिस्सों को हैक कर दिया। वेबसाइट पर उसने एक मैसेज छोड़ा, जिसमें लिखा था कि साइट हैक हो गई है। मुझे बस एक फेयर मौका चाहिए। बाद में छात्र ने X (ट्विटर) और Reddit पर स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया कि उसने यह हैकिंग किसी नुकसान के लिए नहीं, बल्कि अपनी टेक्नीकल स्किल दिखाने के लिए की थी। उसका कहना था कि उसने एडमिशन के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे, फीस भी भर दी थी, लेकिन उसे हैकाथॉन में शामिल होने का मौका नहीं मिला और वह शॉर्टलिस्ट भी नहीं हुआ।

क्या बोला संस्थान?

आईआईटी कानपुर के निदेशक मनिंद्र अग्रवाल (IIT Kanpur Director Manindra Agrawal) ने बताया कि छात्र को इसलिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया क्योंकि उसके पास साइबर सिक्योरिटी का पहले का अनुभव नहीं था। उन्होंने कहा कि इस साल एडमिशन देना अब संभव नहीं है, क्योंकि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, संस्थान ने छात्र के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कराने के बजाय उसकी तकनीकी क्षमता जांचने का फैसला किया है। छात्र को आईआईटी बुलाकर एक टेस्ट लिया जाएगा। अगर वह अपनी काबिलियत साबित करता है, तो उसे अगले एडमिशन सत्र में मौका दिया जा सकता है।

आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur)  ने यह भी साफ किया कि बिना अनुमति किसी कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश करना कानूनन गलत है। संस्थान के विशेषज्ञ छात्र से बात करेंगे और उसे समझाएंगे कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करनी चाहिए। संस्थान के एक अधिकारी के मुताबिक, शुरुआत में FIR दर्ज कराने पर विचार किया गया था, लेकिन बाद में फैसला हुआ कि पहले छात्र के दावों और उसकी तकनीकी योग्यता की जांच की जाए। आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur)  का मानना है कि प्रतिभाशाली युवाओं को सही दिशा देना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत इस साल पहले भी एक ऐसे युवा को नौकरी का मौका दिया गया था, जिसने CBSE के ऑनलाइन पोर्टल में सुरक्षा संबंधी कमियां खोजी थीं।

पढ़ें :- गुरु पूर्णिमा पर साईं बाबा को किसने चढ़ाया 1.05 करोड़ का सोने का मुकुट? देखिए वीडियो
Advertisement