Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. अन्य खबरें
  3. AI agent UPI payment :  UPI में आ रहा तगड़ा फीचर, AI एजेंट हर हफ्ते तय बजट में खरीदेगा घर का किराना और कर देगा पेमेंट

AI agent UPI payment :  UPI में आ रहा तगड़ा फीचर, AI एजेंट हर हफ्ते तय बजट में खरीदेगा घर का किराना और कर देगा पेमेंट

By अनूप कुमार 
Updated Date

AI agent UPI payment :  डिजिटल पेमेंट का जमाना आ गया है। हर हाथ में स्मार्ट फोन है और छोटी कीमत के सामान से लेकर बड़े से बड़ा पेमेंट अब कुछ सेकेड में हो जाता है। भारत में डिजिटल पेमेंट को लेकर ऐसा सिस्टम तैयार करने की तैयारी हो रही है। सहूलियत और नो टेंशन ने UPI payment को लगातार मजबूत किया है। अब जब पूरी दुनिया में AI एक कमदम आगे बढ़कर AI agent के दौर में पहुंच चुका है तब बात यहां तक पहुंच गई कि AI एजेंट हर हफ्ते तय बजट में आपके घर का किराना खरीदेगा और पेमेंट कर देगा । आपको अलग से अप्रूवल देने की जरूरत न पड़े। भारत में डिजिटल पेमेंट को लेकर ऐसा सिस्टम तैयार करने की तैयारी हो रही है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी इसके शुरुआती इस्तेमाल के लिए परफेक्ट माने जा रहे हैं।

पढ़ें :- ACP रोकते रहे, लेकिन इंस्पेक्टर की लाठी चलती रही! आगरा में यूजीसी नियमों के विरोध प्रदर्शन पर बवाल..

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित किए जाने वाले इस फ़्रेमवर्क से ‘एजेंटिक AI’ की उभरती दुनिया में UPI को एक नई भूमिका मिल सकती है। इस दुनिया में सॉफ़्टवेयर सिर्फ़ जानकारी या सुझाव ही नहीं देता, बल्कि यूज़र की ओर से काम भी कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘यूनिफ़ाइड एजेंट प्रोटोकॉल’ को अगले हफ़्ते मुंबई में होने वाले ग्लोबल फ़िनटेक फ़ेस्ट में पेश किया जा सकता है।

प्रपोज्ड सिस्टम में यूजर AI एजेंट को लिमिटेड पेमेंट अथॉरिटी दे सकेगा. यानी यूजर पहले से तय कर सकेगा कि एजेंट कब पेमेंट कर सकता है, कितनी रकम खर्च कर सकता है।

उदाहरण के लिए, AI एजेंट को एक तय बजट के अंदर राशन खरीदने का निर्देश दिया जा सकता है। शर्तें पूरी होने पर, एजेंट यूज़र से उस खास ट्रांज़ैक्शन को मैन्युअल रूप से मंज़ूरी लिए बिना पेमेंट पूरा कर सकता है।

किराना सामान जैसी कम कीमत वाली और बार-बार की जाने वाली खरीदारी इस सिस्टम के शुरुआती इस्तेमाल के उदाहरण हो सकते हैं।

पढ़ें :- दिल्ली में कोरोना-डेंगू के बीच स्वाइन फ्लू का कहर, H1N1 मामले 1,777 के पार, डॉक्टरों ने दी 'सेल्फ-मेडिकेशन' से बचने की सलाह।

रिपोर्ट के मुताबिक, AI एजेंट सेल ऑफ़र और डिस्काउंट की पहचान कर सकते हैं, यूज़र के निर्देशों के आधार पर ऑर्डर दे सकते हैं और तय कीमत की सीमा तक पहुँचने पर निवेश भी कर सकते हैं।

प्रपोज्ड सिस्टम का आधार UPI Circle और Reserve Pay जैसे मौजूदा पेमेंट मैकेनिज्म हो सकते हैं। UPI Circle में प्राइमरी अकाउंट होल्डर किसी दूसरे यूजर को लिमिटेड पेमेंट अथॉरिटी दे सकता है। इसी तरह AI एजेंट को भी तय सीमा के भीतर पेमेंट करने की अनुमति दी जा सकती है।

आंकड़ों के मुताबिक, UPI ने अगस्त में 29.82 ट्रिलियन रुपये के 24.51 बिलियन ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस किए। Google Pay और वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले PhonePe का मासिक ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम में लगभग तीन-चौथाई हिस्सा था।

रोज़मर्रा के वित्तीय काम AI को सौंप सकेंगे
अगर AI एजेंट को UPI पर ट्रांज़ैक्शन करने की इजाज़त दी जाती है, तो यह टेक्नोलॉजी दुनिया के सबसे बड़े रिटेल डिजिटल-पेमेंट नेटवर्क में से एक तक पहुँच हासिल कर लेगी।

ग्राहकों के लिए, इसका मतलब यह हो सकता है कि वे हर ट्रांज़ैक्शन को खुद पूरा करने के बजाय, रोज़मर्रा के वित्तीय काम AI को सौंप सकेंगे।

पढ़ें :- यूपी के 5 शहरों में 7,452 करोड़ की 20 परियोजनाएं, लखनऊ समेत इन शहरों में बदलेंगे पार्किंग से लेकर बिजनेस हब तक

 

Advertisement