Proposal to Remove the CEC : कांग्रेस और विपक्षी सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में नोटिस देकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की मांग की है। इस नोटिस पर लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सदस्यों ने साइन किए हैं। इस बीच, सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग का समर्थन करती है, क्योंकि कुमार “बेईमानी” कर रहे हैं।
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अखिलेश यादव ने शनिवार को मुंबई में पत्रकारों से कहा, “हम मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं, क्योंकि वह बेईमानी कर रहे हैं।” पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से अपनी अपनी रिपोर्ट में बताया कि नोटिस में ज्ञानेश कुमार पर सात आरोप लगाए गए हैं। इनमें “पद पर रहते हुए कथित तौर पर पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण आचरण”, “चुनावी धोखाधड़ी की जांच में जानबूझकर बाधा डालना” और “बड़े पैमाने पर लोगों के मताधिकार छीनना” शामिल हैं। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई मौकों पर सत्ताधारी भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया है। जिसमें एसआईआर की प्रक्रिया भी शामिल है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया वैसी ही है जैसी सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के किसी जज को हटाने की होती है। यानी उन पर महाभियोग केवल “साबित कदाचार या अक्षमता” के आधार पर ही चलाया जा सकता है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि सपा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतेगी। उन्होंने दावा किया कि “डरी हुई” भाजपा के भूमिगत और गैर-पंजीकृत कार्यकर्ताओं ने राज्य में अपना डेरा जमा लिया है; ये कार्यकर्ता देश के अन्य हिस्सों में अपने घर छोड़कर यहां आए हैं।