लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय बलों के माध्यम से एक ‘समानांतर प्रशासनिक ढांचा’ तैयार किया गया है। उनका दावा है कि राज्य के मौजूदा प्रशासन के साथ-साथ एक पूरी तरह से अलग ‘चेन ऑफ कमांड’ खड़ी कर दी गई है। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यहां तक कहा कि पुलिस महानिदेशक (DGP) के स्तर पर भी हस्तक्षेप किया जा रहा है और जिलों में जिला पुलिस प्रमुखों के ऊपर अन्य अधिकारियों को तैनात किया गया है।
पढ़ें :- UP Board Time Table 2027 : यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं का परीक्षा कार्यक्रम घोषित, 5 से 24 फरवरी तक होगी परीक्षा
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है। कहा कि कई अधिकारी दबाव या प्रलोभन में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारियों को भविष्य के लाभ का आश्वासन दिया गया है, जबकि अन्य पर विभिन्न जांचों का डर दिखाकर दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक है और उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसे तत्वों के खिलाफ वोट करें जो अधिकारियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
बंगाल का ‘प्रशासनिक प्रयोग’ आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी दोहराया जा सकता है
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक उदाहरणों का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में वही मॉडल अपनाया जा रहा है जो रामपुर लोकसभा उपचुनाव के दौरान देखने को मिला था। उन्होंने चेतावनी दी कि बंगाल में किया जा रहा यह ‘प्रशासनिक प्रयोग’ आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी दोहराया जा सकता है। उन्होंने ममता बनर्जी की ऐतिहासिक जीत का भरोसा जताते हुए जनता को सचेत रहने और किसी भी प्रकार के अन्याय का डटकर मुकाबला करने का आह्वान किया।