लखनऊ। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwarananda Saraswati, Shankaracharya of Jyotish Peetha) पर लगे यौन शोषण (Sexual Abuse) मामले में अब सियासत भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह मामला सनातन धर्म की भावनाओं से जुड़ा है और सरकार के तरफ से संतों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय (Leader of Opposition Mata Prasad Pandey) ने मंगलवार को कहा कि रामभद्राचार्य (Rambhadracharya) ओर उनके वाइस चांसलर रोज अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के यहां चक्कर काटते थे रोते कि मैं बुढ़ापे के समय जेल चला जाऊंगा। अखिलेश जी ने बड़ा दिल दिखाते हुए मानवीय आधार पर उनका 420 का मुकदमा वापस लिया था। वह सरकार समर्थित साधू हैं।
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पत्रकार: रामभद्रा चार्य का 420 का केश आपकी सरकार ने वापस क्यों लिया था.
माताप्रसाद पांडे जी: रामभद्रा चार्य ओर उनके वाइस चांसलर रोज अखिलेश जी के यहां चक्कर काटते थे रोते कि मैं बुढ़ापे के समय जेल चला जाऊंगा..
फिर अखिलेश जी ने बड़ा दिल दिखाते हुए मानवीय आधार पर उनका 420 का… pic.twitter.com/2cMk7tjQMM
— मनीष यादव रायबरेली (@YadavManish1001) February 24, 2026
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