लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी की योगी सरकार पर एक बार फिर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने बुधवार को एक्स पोस्ट पर लिखा कि सीएम योगी का बगैर नाम लिए बगैर लिखा कि मुख्यनगरी गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी छिन रही है और कोई चैन से बैठकर गाल बजा रहा है।
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सीएम योगी को इस बार जनता गोरखपुर हराएगी और बताएगी कि चिराग़ तले अंधेरा कैसे होता है?
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री जी जब गोरखपुर आते हैं तो क्या और कोई भी देखभाल या हिसाब-किताब करते हैं या फिर केवल जोड़-गांठ के चले जाते हैं। इस बार जनता इन्हें गोरखपुर भी हराएगी और बताएगी कि चिराग़ तले अंधेरा कैसे होता है?
मुख्यनगरी गोरखपुर में लोगों की आँखों की रोशनी छिन रही है, और कोई चैन से बैठकर गाल बजा रहा है।
मुख्यमंत्री जी जब गोरखपुर आते हैं तो क्या और कोई भी देखभाल या हिसाब-किताब करते हैं या फिर केवल जोड़-गाँठ के चले जाते हैं। इस बार जनता इन्हें गोरखपुर भी हराएगी और बताएगी कि चिराग़ तले…
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— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 18, 2026
स्वास्थ्य मंत्री की लापरवाही और कमीशनख़ोरी की वजह से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं की इतनी हुई है दुर्दशा
अखिलेश यादव ने लिखा कि रही बात स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक (Health Minister Brajesh Pathak) जी की तो ये समझ लेना चाहिए कि वो ख़ुद और उनका विभाग ‘हाता नहीं भाता’ की मुख्य-नीति के विस्तार के कारण, उन्हीं की तरह उपेक्षित है और अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उनसे विभाग छीनने का आधार बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय और विभाग की ऐसी दुर्गति देखकर हर कोई, ये सहज रूप से स्वीकार भी कर लेगा कि सच में स्वास्थ्य मंत्री महोदय की लापरवाही और कमीशनख़ोरी की वजह से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं की इतनी दुर्दशा हुई है। जबकि सच ये है कि उन बेचारों के हाथ में पैसों के हिस्से बांट के अलावा और कुछ अधिकार या दूसरी शक्ति, सामर्थ्य और अख़्तियार नहीं है।
स्वास्थ्य-चिकित्सा विभाग में वो नेम प्लेट पर ही मंत्री हैं, कोई उनकी सुनता भी नहीं है
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अखिलेश यादव ने कहा कि स्वास्थ्य-चिकित्सा विभाग में वो नेम प्लेट पर ही मंत्री हैं, कोई उनकी सुनता भी नहीं है। सुना है उन्होंने अपने मोबाइल में एक रिमाइंडर लगा रखा है, जो रोज़ सुबह उन्हें याद दिलाता है कि वो स्वास्थ्य मंत्री हैं। जाने वालों के बारे में अब और क्या कहा जाए, थोड़े लिखे को ही पूरा समझा जाए… उनका ‘हाता से जो पुराना नाता है’, शायद उसीकी वजह से बंद हो रहा उनका खाता है।