नई दिल्ली। अमेरिका (America) ने पाकिस्तान (Pakistan) के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम (Pakistan Ballistic Missile Program) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसके साथ ही चार पाकिस्तानी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें सरकारी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स (NDC) भी शामिल है। यह प्रतिबंध लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम (Pakistan Ballistic Missile Program) को सहायता देने के चलते लगाया गया है।
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व्हाइट हाउस के प्रधान उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर (White House Principal Deputy National Security Advisor John Finer) ने कहा कि पाकिस्तान का यह कार्यक्रम अमेरिका और अन्य देशों के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहली बार है जब अमेरिका (America) ने पाकिस्तान (Pakistan) की किसी सरकारी कंपनी पर प्रत्यक्ष प्रतिबंध लगाया है।
पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम को लेकर उसका दबाव जारी रहेगा
जॉन फाइनर (John Finer) ने बताया कि बाइडेन सरकार ने इस प्रोग्राम को रोकने के लिए पहले भी गैर-पाकिस्तानी इकाइयों पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका राजनयिक तरीकों से इस समस्या का समाधान खोजने की कोशिश करता रहेगा, लेकिन पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम को लेकर उसका दबाव जारी रहेगा।
पाक की बढ़ती मिसाइल क्षमता पर सवाल
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पाकिस्तान (Pakistan) ने हाल के वर्षों में अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक विकसित की है। लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम (Ballistic Missile System) के विकास से उसकी क्षमता दक्षिण एशिया से बाहर हमला करने की हो जाएगी, जो अमेरिका सहित अन्य देशों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
जानें क्या होगा इसका असर ?
इन प्रतिबंधों से पाकिस्तान (Pakistan) के रक्षा उद्योग और मिसाइल प्रोग्राम पर गहरा असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिससे उसके वैश्विक संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।