लखनऊ। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में चयनित 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस को नियुक्ति-पत्र वितरण किया। इस दौरन गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि, आज 60 हजार से अधिक युवा जो उत्तर प्रदेश के हर समाज, जाति, जनपद और तहसील का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह सभी आज से भारत के सबसे बड़े पुलिस बल का अभिन्न हिस्सा बनने जा रहे हैं। मैं सभी को मनपूर्वक अनंत शुभकामनाएं देता हूं।
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उन्होंने आगे कहा, मोदी जी के नेतृत्व में देश भर के पुलिस बल में आधुनिकिकरण की शुरुवात हुई। मगर उत्तर प्रदेश में यह शुरुवात 3 साल देरी से हुई। 2014 से 2017 तक भारत सरकार की कोई सुधार प्रक्रिया दूर-दूर तक उत्तर प्रदेश में दिखाई नहीं देती थी। 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस में सुधार की प्रक्रिया शुरु हुई।
उत्तर प्रदेश में पारदर्शिता के साथ-न खर्ची, न पर्ची, न सिफारिश, न जातिवाद, केवल योग्यता के आधार पर 48 लाख आवेदनों में से चयनित होकर पुलिस बल में जवान आए हैं। इससे बड़ी उपलब्धि किसी शासन व्यवस्था की नहीं हो सकती। इनमें 12 हजार से अधिक बेटियां भी शामिल हैं। बेटियों को नियुक्ति पत्र प्राप्त होते ही उनके चेहरे पर जो खुशी देखने को मिली, उसने मन को गहरा संतोष दिया।
गृहमंत्री ने आगे कहा, उत्तर प्रदेश में पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां की गई हैं। तकनीक के प्रयोग से यह प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी बनी है। अब पुलिस व्यवस्था में कैमरे, कमांड सेंटर हैं, पीसीआर वाहन भी सक्रिय हैं और 150 से अधिक फॉरेंसिक मोबाइल यूनिट्स भी तैनात हैं। दंगों का गढ़ माने जाने वाला उत्तर प्रदेश अब दंगा-मुक्त हो चुका है, राज्य में अब न्याय का शासन स्थापित हो चुका है। अब गुंडों का फरमान नहीं चलता और अपराधियों को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जाता।
साथ ही कहा, उत्तर प्रदेश को विकसित के साथ-साथ सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी नवनियुक्त पुलिस बल के जवानों की है। मुझे विश्वास है कि आप सभी सुरक्षा, सेवा और संवेदनशीलता के मंत्र को अपनाते हुए आगे बढ़ोगे।
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