Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्ला ने सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी से की मुलाकात, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को लेकर हुई बातचीत

बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्ला ने सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी से की मुलाकात, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को लेकर हुई बातचीत

By Satish Singh 
Updated Date

नई दिल्ली। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज़ हामिदुल्ला ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ रक्षा सहयोग पर बातचीत की। हामिदुल्ला और द्विवेदी ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया, जिसमें संयुक्त प्रशिक्षण पहल भी शामिल थीं। भारतीय सेना के अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय ने कहा कि एम हामिदुल्ला भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त ने सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। इस बातचीत के दौरान, उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया, जिसमें संयुक्त प्रशिक्षण पहल भी शामिल थीं। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गहरे सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की।

पढ़ें :- पाकिस्तान में आठ आतंकी कैंप अभी भी हैं एक्टिव, 'भविष्य में किसी भी दुस्साहस का दिया जाएगा मुंहतोड़ जवाब : सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी
पढ़ें :- कल मिस्र में मिल सकते है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

इससे पहले 27 मार्च को विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भारत-बांग्लादेश संबंधों की मज़बूती पर ज़ोर दिया। राष्ट्रीय राजधानी में बांग्लादेश हाई कमीशन में बांग्लादेश के 56वें ​​स्वतंत्रता और राष्ट्रीय दिवस के मौके पर आयोजित नेशनल डे रिसेप्शन को संबोधित करते हुए उन्होंने इस साझेदारी को रणनीतिक और जन-केंद्रित बताया। साथ ही इसे लचीला और भविष्योन्मुखी भी करार दिया। गुरुवार को अपने संबोधन में सिंह ने साझा इतिहास, गहरे सांस्कृतिक संबंधों और अपने पूर्वी पड़ोसी के साथ सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। हमीदुल्ला गणमान्य व्यक्तियों और राजनयिक समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि बांग्लादेश का स्वतंत्रता दिवस बांग्लादेशी लोगों की आत्म-निर्णय की भावना और असाधारण लचीलेपन का एक प्रमाण है। उन्होंने 1971 के मुक्ति संग्राम की गहरी साझा विरासत को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश का स्वतंत्रता दिवस हमारे साझा इतिहास में एक निर्णायक क्षण है। यह हमारे लोगों की आत्म-निर्णय की भावना और असाधारण लचीलेपन का एक प्रमाण है। 1971 का मुक्ति संग्राम और शोषण, दमन तथा नफ़रत के विरुद्ध संघर्ष में दिए गए बलिदान भारत और बांग्लादेश के लिए एक साझा विरासत बने हुए हैं। एकजुटता के ये गहरे बंधन हमारी द्विपक्षीय साझेदारी का आधार बने हुए हैं, जो विश्वास, साझा मूल्यों और हमारे क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा समृद्धि के प्रति एक साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।

Advertisement