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पाकिस्तान में आठ आतंकी कैंप अभी भी हैं एक्टिव, ‘भविष्य में किसी भी दुस्साहस का दिया जाएगा मुंहतोड़ जवाब : सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Army Chief General Upendra Dwivedi) ने मंगलवार को पाकिस्तान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और भविष्य में पाकिस्तान की ओर से किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Army Chief General Upendra Dwivedi) ने मंगलवार को पाकिस्तान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और भविष्य में पाकिस्तान की ओर से किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। जनरल द्विवेदी ने कहा कि 8 आतंकी कैंप अभी भी एक्टिव हैं, जिनमें से 6 LoC के सामने और 2 अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के सामने हैं। अगर उन्होंने कुछ भी किया, तो हम उसके आधार पर कार्रवाई करेंगे। दिल्ली में आयोजित अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल द्विवेदी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिए गए फैसले और ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की सफलता पर विस्तार से बात की।

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‘हमने 9 में से 7 ठिकानों को किया पूरी तरह से नेस्तनाबूद ‘

जनरल द्विवेदी ने बताया कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में उच्च स्तर पर फैसला लिया गया कि निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)  शुरू हुआ, जो आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक हमलों के रूप में चला। सेना प्रमुख ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद उच्च स्तर पर स्पष्ट फैसला लिया गया कि निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)  को बहुत सटीक तरीके से लागू किया गया। 7 मई को शुरूआत के 22 मिनट में और फिर 10 मई तक कुल 88 घंटों की कार्रवाई में हमने गहराई तक हमला कर आतंक के ढांचे को तोड़ा और पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भी चकनाचूर किया। हमने 9 में से 7 ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया।’

जनरल द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)  अभी भी जारी है। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में कोई भी दुस्साहस किया गया तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।’ सेना प्रमुख ने सभी संबंधित विभागों जैसे CAPF, खुफिया एजेंसियां, नागरिक प्रशासन, गृह मंत्रालय, रेलवे आदि की सक्रिय भूमिका की सराहना की। उन्होंने 2025 में दुनिया भर में बढ़ते सशस्त्र संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि तैयार रहने वाली राष्ट्र ही जंग में जीतते हैं। उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की तैयारियों, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता को दिखाया। प्रधानमंत्री के जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन (JAI) के नारे, रक्षा मंत्री द्वारा 2025 को सुधार का वर्ष घोषित करने और सेना के परिवर्तन के दशक के तहत कई कदम उठाए गए हैं। 2025 में हुई प्रगति से हमें संतुष्टि है।

2025 में 31 आतंकी किए ढेर, 65 फीसदी थे पाकिस्तानी मूल के’

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सेना प्रमुख ने कहा कि उत्तरी सीमा (LAC) पर स्थिति स्थिर है लेकिन सतर्कता जरूरी है। उच्च स्तरीय बातचीत और विश्वास बढ़ाने के उपायों से स्थिति सामान्य हो रही है। यहां घास चराई, हाइड्रोथेरेपी कैंप जैसी गतिविधियां फिर शुरू हुई हैं। हमारी तैनाती मजबूत और संतुलित है। पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील लेकिन नियंत्रण में है। 2025 में 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें 65 फीसदी पाकिस्तानी मूल के थे। पहलगाम हमले के तीनों आतंकियों को ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया। अब सक्रिय स्थानीय आतंकवादी सिंगल डिजिट में हैं। आतंकवादियों की भर्ती लगभग खत्म हो गई है और 2025 में सिर्फ 2 भर्तियां हुईं।’

‘आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव दिख रहा है’

जनरल द्विवेदी ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में विकास कार्य तेज हुए, पर्यटन लौटा और अमरनाथ यात्रा में 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए, जो 5 साल के औसत से ज्यादा है। आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव दिख रहा है। उत्तर-पूर्व में सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई और सरकार की पहलों से मणिपुर में सुधार हुआ है। म्यांमार में अस्थिरता से उत्तर-पूर्व को बचाने के लिए असम राइफल्स, सेना और गृह मंत्रालय की बहु-एजेंसी ग्रिड काम कर रही है। म्यांमार में चरण-2 चुनाव सफल होने से अब बेहतर सहयोग संभव है। प्राकृतिक आपदा राहत (HADR) में सेना ने दो पड़ोसी देशों और 10 राज्यों में काम किया और 30,000 से ज्यादा लोगों को बचाया।’

‘पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन्स को लेकर उसे बोला गया’

ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि जहां तक ​​न्यूक्लियर बयानबाजी की बात है, मैं कहना चाहूंगा कि DGMO बातचीत में न्यूक्लियर पर कोई चर्चा नहीं हुई और जो भी न्यूक्लियर बयानबाजी हुई, वह पाकिस्तान के नेताओं या वहां की आम जनता ने की। मेरे पास ऐसा कोई संकेत नहीं है कि सेना की तरफ से ऐसा कुछ कहा गया हो। उन 88 घंटों में, आपने देखा कि पारंपरिक जगह को बढ़ाने के लिए सेना की तैनाती ऐसी थी कि अगर पाकिस्तान कोई गलती करता, तो हम जमीनी ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। पाकिस्तान से आज DGMO लेवल की बात हुई, और पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन्स को लेकर उसे बोला गया। इंडियन आर्मी मिसाइल और रॉकेट फोर्स तैयार कर रही है।’

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