मोनिका मकराडिया ने महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (MHM), स्वास्थ्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने “एक रुपया–एक पैड” अभियान को बढ़ावा देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर महिलाओं को मात्र एक रुपये में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों मे स्वच्छता व स्वास्थ्य सेवाओं में आमजन को जागरूक करने के साथ ही उनकी सेवा मे अग्रसर संस्थाओ में अग्रणी अमूल्य जीवन संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के दरियापुर नेवादा में “पैड यात्रा–सफर स्वच्छ सोच का” एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी भाजपा मंडल महामंत्री जयदीप श्रीवास्तव ने की तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता अमूल्य जीवन संस्था की निदेशिका मोनिका मकराडिया ने की।
इस अवसर पर मोनिका मकराडिया ने महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (MHM), स्वास्थ्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने “एक रुपया–एक पैड” अभियान को बढ़ावा देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर महिलाओं को मात्र एक रुपये में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यह अभियान 28 मई 2024 को “विश्व मासिक धर्म दिवस” के अवसर पर शुरू किया गया था। संस्था द्वारा अब तक 6 राज्यों में लगभग 20,000 महिलाओं को निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरित किए जा चुके हैं।
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि “पैड यात्रा–सफर स्वच्छ सोच का” दिसंबर 2025 में लखनऊ से प्रारंभ हुई थी, जिसने लखनऊ से केरल तक के विभिन्न राज्यों को कवर किया है तथा यह यात्रा अभी भी निरंतर जारी है। इस यात्रा का उद्देश्य महिलाओं में मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना एवं समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ग्राम प्रधान राहुल सिंह जयदीप श्रीवास्तव भाजपा मण्डल महामंत्री पल्हना,अजय कुमार सिंह प्रधानाचार्य शिशु शिक्षा निकेतन, अभिषेक चौरसिया नजमा बेगम मजूददीन निशा इंदु देवी, गिरजा, हमीददुनिशा शबनम आदि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सम्मान के लिए चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।