RCB Victory Parade Stampede: आईपीएल 2025 में जीत के बाद आरसीबी की विक्ट्री परेड में मची भगदड़ ने क्रिकेट फैंस के साथ-साथ पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस घटना में 11 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस बीच बीसीसीआई ने घटना को लेकर आरसीबी का बचाव करते हुए आईपीएल फ्रेंचाइजियों के लिए आंख खोलने वाला बताया है। वहीं, बोर्ड आगामी बड़े इवेंट्स को लेकर अहम फैसला लेने वाला है, जिनमें भारी संख्या में लोग शामिल होने वाले हैं।
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बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ की घटना के बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘यह आंखें खोलने वाला है और हमें सोचना होगा कि ऐसी परिस्थितियों में हमें क्या करना चाहिए।’ सैकिया ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘हर साल कोई विजेता होगा और उसके गृह नगर में जश्न मनाया जाएगा। इसलिए हमें सबक सीखना होगा ताकि भविष्य में ऐसा न हो। इस समय बीसीसीआई का किसी फ्रेंचाइजी के निजी समारोहों पर कोई नियंत्रण नहीं है।’ इसके साथ ही उन्होंने भगदड़ की घटना में बीसीसीआई की कोई भूमिका न होने की बात कही।
बीसीसीआई सचिव सैकिया ने अंग्रेजी अखबार से आगे कहा, ‘कल (मंगलवार) नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 1,32,000 लोग थे। हमने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के बारे में हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखा और सभी स्टैंड भरे होने के बावजूद एक भी घटना नहीं हुई। उचित पुलिस व्यवस्था और नियंत्रण था। आज बेंगलुरु में कुछ बहुत गलत हुआ लेकिन बीसीसीआई की इसमें कोई भूमिका नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘यह आंखें खोलने वाला है और हमें सोचना होगा कि ऐसी परिस्थितियों में हमें क्या करना चाहिए। हर साल कोई विजेता होगा और उसके गृह नगर में जश्न मनाया जाएगा। इसलिए हमें सबक सीखना होगा ताकि भविष्य में ऐसा न हो। इस समय बीसीसीआई का किसी फ्रेंचाइजी के निजी समारोहों पर कोई नियंत्रण नहीं है।’
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन अरुण धूमल ने कहा, ‘हमने इस पर ध्यान दिया है और सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटनाएं फिर कभी न हों। हमें बेंगलुरु में किसी विजय परेड या किसी जश्न के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हमें नहीं पता कि इसका आयोजन किसने किया और इतने सारे प्रशंसक वहां कैसे आए। हम मामले की जांच करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘आरसीबी प्रबंधन को भी नहीं पता था कि क्या हो रहा है, क्योंकि वे स्टेडियम के अंदर थे। जैसे ही हमें पता चला, हमने आरसीबी अधिकारियों से बात की और उन्होंने हमें बताया कि वे मामले को खत्म कर रहे हैं।’