नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के चेयरमैन एलन मस्क (Elon Musk) कहा कि भारत सरकार (Indian Government) ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट के कुछ खातों और पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है, लेकिन हम इन कार्रवाइयों से असहमत है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर इन पोस्ट को रोका नहीं जाना चाहिए। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है। एक्स की वैश्विक सरकारी मामलों से जुड़ी टीम ने कहा कि वे कानूनी प्रतिबंधों के कारण केंद्र सरकार के कार्यकारी आदेशों को प्रकाशित करने में असमर्थ हैं, लेकिन मानते हैं कि उन्हें सार्वजनिक करना पारदर्शिता के लिए आवश्यक है।
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इस कार्रवाई से असहमत
एक्स के ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स (X Global Government Affairs) पर पोस्ट किया गया है कि भारत सरकार (Indian Government) के कार्यकारी आदेशों के लिए विशिष्ट खातों और पोस्टों पर कार्रवाई की बात कही गई है, जिसमें पर्याप्त जुर्माना और कारावास सहित संभावित दंड शामिल है। इन आदेशों के जवाब में एक्स ने कहा कि वह केवल भारत के भीतर इन खातों और पोस्टों को रोक देगा, हालांकि एक्स ने इस कार्रवाई पर असहमति व्यक्त की और कहा है कि लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स का पूरा पोस्ट पढ़े…
X के ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स अकाउंट (X Global Government Affairs) की ओर से गुरुवार को तड़के ही ट्वीट किया गया कि भारत सरकार ने आदेश दिया है कि एक्स कुछ खास अकाउंट्स और पोस्ट्स पर ऐक्शन ले। यदि ऐसा नहीं किया गया तो पेनल्टी लगेगा और कैद तक की सजा होगी। इस आदेश का पालन करते हुए हम कुछ अकाउंट्स और पोस्ट्स पर रोक लगा रहे हैं। हालांकि हम इस बात से असहमत हैं। हमारा मानना है कि अभिव्यक्ति की आजादी बनी रहनी चाहिए। इस आदेश के खिलाफ हमने रिट भी दाखिल की है, जो अभी लंबित है। हमने अपनी नीति के तहत उन यूजर्स को नोटिस भी दिया है, जिनके खिलाफ ऐक्शन होना है।
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The Indian government has issued executive orders requiring X to act on specific accounts and posts, subject to potential penalties including significant fines and imprisonment.
In compliance with the orders, we will withhold these accounts and posts in India alone; however,…
— Global Government Affairs (@GlobalAffairs) February 21, 2024
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के इस नए आरोप से केंद्र सरकार और सोशल मीडिया कंपनी के बीच नया विवाद छिड़ गया है। यह पहला मौका नहीं है, जब ट्विटर ने भारत सरकार (Indian Government) के आदेशों से असहमति जताई है। इससे पहले 2021 में भी ट्विटर का यही रुख था। तब भी ट्विटर का कहना था कि सरकार के आदेश अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ हैं। बता दें कि ट्विटर का यह रुख ऐसे समय में आया है, जब नॉर्वे के एक सांसद ने एलन मस्क (Elon Musk) का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए आगे बढ़ाया है। सांसद का कहना है कि एलन मस्क (Elon Musk) ने अभिव्यक्ति की आजादी में योगदान दिया है और सभी को बोलने एवं लिखने का समान अवसर एक्स के माध्यम से प्रदान किया है।