पटना। जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर (Jan Suraj convenor Prashant Kishor) को सोमवार को जमानत मिल गई है। उन्हें यह जमानत गांधी मैदान कांड संख्या 5/25 में मिली है। SDJM पटना के कोर्ट में पेशी SDJM आरती उपाध्याय (SDJM Aarti Upadhyay) की कोर्ट में पेशी हुई और वहां से पीके को जमानत मिल गई। बता दें कि प्रशांत किशोर (Prashant Kishor)को आज सुबह ही गिरफ्तार किया गया था। उन पर गांधी मैदान में प्रतिबंधित जगह पर अनशन करने का आरोप था।
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पटना गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के नीचे बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा (BPSC 70th preliminary exam) को रद्द करने की मांग के लिए प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) आमरण अनशन कर रहे थे। सोमवार तड़के सुबह चार बजे भारी संख्या में पुलिस आई और प्रशांत किशोर को उठाकर ले गई। जन सुराज के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने इस दौरान पीके को थप्पड़ भी मारा है।
जनसुराज के समर्थकों ने पटना पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की गिरफ्तारी से नाराज जन सुराज (Jan Suraj) के समर्थकों का कहना है कि पटना पुलिस प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को AIIMS में भर्ती नहीं करा पाई। 5 घंटे से पुलिस प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को लेकर पटना के इर्द गिर्द घूम रही है। वहीं जन सुराज (Jan Suraj) के लोगों ने आरोप लगाया है कि पटना पुलिस ने प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को ले जाने के दौरान महिलाओं और बच्चों को भी पीटा है।
प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी पर पटना जिला प्रशासन ने क्या कहा?
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प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की गिरफ्तारी को लेकर पटना जिला प्रशासन ने कहा कि ‘जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party) के प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) एवं कुछ अन्य लोगों के द्वारा अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर प्रतिबंधित क्षेत्र गांधी मैदान के गांधी मूर्ति के समक्ष अवैध ढंग से धरना दिया जा रहा था। प्रशासन द्वारा वहां से हटकर धरना के लिए निर्धारित स्थल गर्दनीबाग (Gardnibagh) में जाने के लिए नोटिस दिया गया था प्रतिबंधित क्षेत्र में ग़ैर-क़ानूनी ढंग से धरना देने के कारण गांधी मैदान थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अनेक बार आग्रह करने तथा पर्याप्त समय देने के बाद भी स्थल ख़ाली नहीं किया गया। अतः आज दिनांक 06.01.2025 को सुबह में उन्हें कुछ समर्थकों के साथ गिरफ़्तार किया गया है। वे लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं। विहित प्रक्रिया के तहत कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्यवायी की जा रही है।