लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Elections 2024) में बहुजन समाज पार्टी (BSP) का सूपड़ा साफ हो गया है। 18वीं लोकसभा चुनाव (18th Lok Sabha Elections) में बसपा का प्रतिनिधित्व शून्य रहेगा। इसके बाद पार्टी सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने कहा कि बसपा (BSP) द्वारा उचित प्रतिनिधित्व देने के बाद भी मुस्लिम समाज ने हमारा साथ नहीं दिया ऐसी स्थिति में आगे इनको काफी सोच समझकर ही मौका दिया जाएगा।
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05-06-2024-BSP PRESS NOTE- LOK SABHA POLL RESULT REACTION pic.twitter.com/iUYELFPnCM
— Mayawati (@Mayawati) June 5, 2024
चुनाव में हुए नुकसान पर उन्होंने कहा कि हम इसका गहन विश्लेषण करेंगे और देश के करोड़ों, गरीबों, दलितों, शोषितों, आदिवासियों, पिछड़ों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए काम करते रहेंगे जिससे उनकी सुरक्षा व सम्मान पर मंडराता खतरा दूर हो।
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इस बार के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में बसपा (BSP) ने अकेले ही चुनाव लड़ने का फैसला किया। मंगलवार के घोषित हुए परिणामों में प्रदेश की 80 सीटों में से एक भी सीट पर बसपा (BSP) को जीत नहीं मिली। वहीं, भाजपा ने 33, सपा ने 37, कांग्रेस ने 6, रालोद ने 2, आजाद समाज पार्टी ने 1 और अपना दल (एस) ने एक सीट पर जीत दर्ज की है। इसके पहले लोकसभा चुनाव 2014 में भी बसपा (BSP) को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा (BSP) प्रदेश की 10 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही थी। हालांकि, तब सपा, बसपा (BSP) व रालोद का गठबंधन था।
तीन से चार चरणों में करवाया जाना चाहिए था चुनाव
मायावती (Mayawati) ने ढाई महीने लंबे चुनाव कार्यक्रम पर कहा कि हमारी पार्टी का शुरू से ही ये मानना रहा है कि चुनाव बहुत लंबा नहीं होना चाहिए। इसे तीन से चार चरणों में ही पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव जोरदार गर्मी की तपिश से प्रभावित रहा जिससे लोगों के उत्साह पर भी फर्क पड़ा। ऐसे मे यह उम्मीद की जाती है कि लोकतंत्र व आमजन के व्यापक हित के मद्देनजर, आगे चुनाव कराते समय चुनाव आयोग द्वारा लोगों की इन खास परेशानियों को जरूर ध्यान में रखा जाएगा।