West Bengal Elections 2026 : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले सियासी दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। चुनावी मौसम में नेताओं के एक दल से दूसरे दल में शामिल होने का सिलसिला भी जारी है। इस बीच, सीएम ममता बनर्जी के एक बड़े दांव ने भाजपा में हलचल पैदा कर दी है और मुख्य विपक्षी दल में सेंधमारी का संकट गहराने लगा है।
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दरअसल, ‘अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ के अवसर पर शनिवार को कोलकाता के देशप्रिय पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में कला, संस्कृति, साहित्य, लोक प्रशासन और पब्लिक सर्विस में खास योगदान वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान 25 विशिष्ट हस्तियों को राज्य के नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया है। जिसमें एक नाम भाजपा के राज्यसभा सांसद नगेन रॉय का नाम भी शामिल रहा। उन्हें राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंग विभूषण’ दिया गया है। इस सम्मान को सीएम ममता बनर्जी ने खुद प्रदान किया, जिसमें नगेन रॉय को अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
नगेन रॉय राजबंशी समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं और रॉय को उनके समुदाय में अनंता महाराज के नाम से भी जाना जाता है। जिनका उत्तर बंगाल की राजनीति में अहम प्रभाव माना जाता रहा है। अब इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे जाने के बाद नगेन रॉय के टीएमसी से नजदीकियों को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है। भाजपा के लिए यह चिंता जनक है, क्योंकि नगेन रॉय के प्रभाव के कारण पार्टी ने हाल में उत्तर बंगाल की राजनीति में कमाल किया है।
रॉय को पहले भी टीएमसी के करीबी रहे हैं, लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा का हाथ थामा। हालांकि, मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पर उन्होंने हाल में असंतोष जताया था। अब सीएम ममता की ओर से सम्मानित किया जाना सियासी पारे बढ़ाने वाला है। नगेन रॉय सम्मानित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनको यह सम्मान राजबंशी भाषा और संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान के लिए दिया गया है और उम्मीद जताई कि वे आगे भी समाज के लिए काम करते रहेंगे।
दूसरी तरफ, नगेन रॉय ने ‘बंग विभूषण’ से सम्मानित किए जाने पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि मैंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी। इस बीच, जब भाजपा सांसद से दल बदल की अटकलों पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है। वे किसी पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं और राजनीति में उनकी दिलचस्पी सीमित है। फिलहाल, अप्रैल-मई में होने वाले चुनाव से पहले इस घटनाक्रम से सियायास्त गरमाई हुई है।