लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास प्रदेश की आवश्यकता है, किंतु यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए। विकास और पर्यावरण का संतुलन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना के लिए अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों का कटान हो। जितने वृक्ष काटे जाएं, उससे अधिक संख्या में पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने सोमवार को प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास… pic.twitter.com/okG8HN37g2
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) January 12, 2026
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परियोजनाओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए निर्देशित किया कि जिलाधिकारी साप्ताहिक एवं मुख्य सचिव पाक्षिक स्तर पर कार्यों की गहन समीक्षा करें। किसी भी स्तर पर लंबित विषयों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि NHAI और जिला प्रशासन के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित हो, जिससे सड़क परियोजनाएं बिना किसी विलंब के पूर्ण हों। यह परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास और औद्योगिक विस्तार का आधार हैं।
जनहित की इन परियोजनाओं में पारदर्शिता के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों से सीधा संवाद किया जाए। बिचौलियों का हस्तक्षेप किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता न हो।