प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कोडीन युक्त कफ सिरप रैकेट (Codeine-Containing Cough Syrup Racket) में कथित तौर पर शामिल दो आरोपियों को जमानत देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि अनुमेय सीमाओं से अधिक कोडीन के मामले में एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) लागू होता है। न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने अब्दुल कादिर और एक अन्य आरोपी को इस आधार पर जमानत देने से मना किया कि इनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध रूप से कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद हुआ है। कोडीन युक्त कफ सिरप (Codeine-Containing Cough Syrup) के इस रैकेट का भंडाफोड़ किया गया था और इससे जुड़े कई व्यक्तियों को कारावास की सजा हुई है।
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इन आरोपियों के खिलाफ रामपुर जिले के कोतवाली पुलिस थाना में बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340 एवं एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज किया गया था। एक कार में लदान के समय 119 पेटियों में 11,885 बोतलें कोडीन युक्त सिरप की बरामद की गई थीं।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता लाइसेंस प्राप्त दवाओं के डीलर हैं और इन्होंने वैध चालानों के जरिए कफ सिरप खरीदे थे। साथ ही इनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत ने कहा कि चूंकि इनके कब्जे से 11,885 बोतलें कोडीन युक्त सिरफ की बरामद हुईं हैं, इसलिए याचिकाकर्ताओं को झूठा फंसाने का कोई कारण नहीं पाया जाता और इन्हें जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।