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रांची में बिना अनुमति धरना-जुलूस पर पूर्ण रोक, रैली से पहले देनी होगी पूरी जानकारी, जिला प्रशासन ने जारी किए कड़े नियम

By Sushil Sah 
Updated Date

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में विधि-व्यवस्था को दुरूस्त करने और सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अब शहर में बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, जुलूस, घेराव या आमसभा आयोजित करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दी है। प्रशासन द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब किसी भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या आम नागरिकों को रैली या प्रदर्शन आयोजित करने से पहले सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। आपको बता दें कि यह कदम हाल ही में जेपीएससी-जेएसएससी (JPSC-JSSC) सुधार मंच के विरोध मार्च के दौरान प्रकट हुई स्थिति और छात्र आंदोलनों के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

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आयोजकों को देनी होगी ये जानकारियां

अनुमति प्राप्त करने के लिए अब आयोजकों को प्रशासन के समक्ष एक विस्तृत ढ़ाचा प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें कार्यक्रम के प्रारंभ और समापन का सटीक समय होना चाहिए। साथ ही जुलूस या रैली किस रास्ते से होकर गुजरेगी, उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों या प्रदर्शनकारियों की अनुमानित भीड़ का ब्योरा भी होनी चाहिए। सभा को संबोधित करने वाले मुख्य वक्ताओं या विशिष्ट अतिथियों का ब्योरा भी होनी चाहिए।

सड़क जाम और अफवाहों पर सख्त कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन, सार्वजनिक मार्गों को अनधिकृत रूप से घेरने और आपातकालीन सेवाओं को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा रांची पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपुष्ट खबरें साझा करने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी है। प्रशासन ने विशेषकर छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी आंदोलन या रैली का हिस्सा बनने से पहले आयोजकों से प्रशासनिक अनुमति की पुष्टि अवश्य कर लें।

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