जम्मू-कश्मीर के डोडा स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बुर्का पहनने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गायनेकोलॉजी विभाग के लेबर रूम में बुर्का पहनकर पहुंची नर्सिंग छात्रा को बाहर भेजे जाने के आरोप के बाद कई नर्सिंग इंटर्न ने विरोध प्रदर्शन किया...
डिजिटल पर्दाफाश। जम्मू-कश्मीर के डोडा स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बुर्का पहनने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गायनेकोलॉजी विभाग के लेबर रूम में बुर्का पहनकर पहुंची नर्सिंग छात्रा को बाहर भेजे जाने के आरोप के बाद कई नर्सिंग इंटर्न ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने काम का बहिष्कार कर अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया और विभाग की प्रमुख डॉ. मधु चिब के खिलाफ शिकायत की।
नर्सिंग इंटर्न के आरोप से शुरू हुआ विवाद
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि डॉ. मधु चिब ने एक नर्सिंग छात्रा को नकाब पहनने की वजह से लेबर रूम से बाहर जाने को कहा। एक इंटर्न ने दावा किया कि अगले दिन दो अन्य छात्राओं को भी इसी वजह से लेबर रूम के बाहर खड़ा किया गया। छात्रों ने इसे उनके धार्मिक पहनावे में दखल बताया।
मामला बढ़ने के बाद अस्पताल प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और विरोध खत्म कराया। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी को शिकायत और विवाद की परिस्थितियों की जांच करने को कहा गया है।
अस्पताल प्रशासन ने बताई दूसरी वजह
वहीं डोडा GMC अस्पताल के प्रभारी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. इरफान तसादुक ने कहा कि विवाद की वजह गलतफहमी हो सकती है। उनके मुताबिक डॉ. चिब ने छात्रों से लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर के प्रोटोकॉल के तहत ढीले कपड़ों को ठीक करने और उसके ऊपर गाउन पहनने के लिए कहा था।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील स्थानों पर संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टरों समेत सभी कर्मचारियों को निर्धारित हाइजीन नियमों का पालन करना पड़ता है। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर साफ होगी।