SCO Meeting 2026 : केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद का कोई देश या धर्म नहीं होता। जिसको लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए आतंकवाद के गढ़ पाकिस्तान को क्लीन चिट देने का आरोप लगाया है।
पढ़ें :- चुनावी राहत खत्म, महंगाई की गर्मी तैयार, 29th April के बाद पेट्रोल-डीज़ल सब होंगे महंगे: राहुल गांधी
दरअसल, कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पोस्ट पर बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह के भाषण के कुछ अंश का वीडियो शेयर किया है। जिसमें रक्षामंत्री को ये कहते सुना जा सकता है कि “हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद का कोई देश होता और न ही कोई धर्म। कोई भी शिकायत, चाहे वह वास्तविक हो या काल्पनिक, आतंकवाद और उसके परिणामों को न्यायोचित नहीं ठहरा सकती।”
इस वीडियो को शेयर करते हुए कांग्रेस सांसद ने एक्स पोस्ट में लिखा, ” कल, रक्षा मंत्री ने—ज़ाहिर तौर पर प्रधानमंत्री की मंज़ूरी और उनके कहने पर—बिश्केक में बोलते हुए पाकिस्तान को एक शर्मनाक ‘क्लीन चिट’ दे दी। क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र नहीं है? क्या पाकिस्तान में ऐसे कोई आतंकवादी कैंप नहीं हैं जिनका निशाना भारत है? क्या पाकिस्तान में भारत-विरोधी वैचारिक दुष्प्रचार नहीं होता? क्या मुंबई और पहलगाम के आतंकवादी हमलों की साज़िश पाकिस्तान के आतंकवादियों ने ही नहीं रची थी और उन्हें अंजाम नहीं दिया था?”
Yesterday, the Defence Minister, obviously with the approval of and at the instance of the Prime Minister, gave a shameful clean chit to Pakistan while speaking in Bishkek.
Is Pakistan not the epicentre of terrorism?
पढ़ें :- SCO Meeting : रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र कर पाकिस्तान को रगड़ा, बोले-आतंकवाद पर नहीं चलेगा डबल गेम
Are there no terrorist camps in Pakistan with India as their… pic.twitter.com/anAaHNJZNc
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) April 29, 2026
कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, “साफ़ है कि पाकिस्तान के संबंध में यह नया रुख, प्रधानमंत्री की अमेरिका को खुश करने की नीति और चीन के सामने सोची-समझी रणनीति के तहत झुकने की नीति का ही एक हिस्सा है। रक्षा मंत्री के ये चौंकाने वाले बयान उतने ही राष्ट्र-विरोधी हैं, जितनी कि 19 जून, 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दी गई अजीबोगरीब ‘क्लीन चिट’ थी।”