Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने खेला दलित मुस्लिम कार्ड, सीएम ममता बनर्जी की मुसीबत बढ़ी, भाजपा को मिल सकता है फायदा

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने खेला दलित मुस्लिम कार्ड, सीएम ममता बनर्जी की मुसीबत बढ़ी, भाजपा को मिल सकता है फायदा

By Satish Singh 
Updated Date

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होने है। इस चुनाव में कांग्रेस अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस 284 सीटों पर अपने उम्मिदवार घोषित कर चुंकी है। पार्टी ने प्रदेश के कई बड़े नेताओं को मैदान में उतारा है और इस बार कांग्रेस ने मुस्लि और दलित काड खेला है। अब देखना यह है कि कांग्रेस के इस दाव से नुकसान किसका होता है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी।

पढ़ें :- BSP सुप्रीमो मायावती ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ की बैठक, कहा-सरकारों की जनहित के प्रति उदासीनता से जनता है काफी परेशान

कांग्रेस ने 284 सीटों पर अपने उम्मिदवार घोषित किए है। इनमें 42 महिलाएं है, जबकि 68 मुस्लिम और 64 दलित है। इनके साथ ही 16 अनुसूचित जनजाति के उम्मिदवार है। अपनी पहली लिस्ट में कांग्रेस ने मुस्लिम और दलित वोट बैंक पर फोकस किया है। कांग्रेस का दाव पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए मुसिबत बन सकता है। कांग्रेस ने मुस्लिम बाहुल विधानसभाओं में भी प्रत्याशी उतारे हैं। कांग्रेस के नेताओं को मानन है कि मुस्लिम बहुल सीटों में से कुछ सीटों पर जीतकर वह पश्चिम बंगाल में फिर से अपनी नींव रखना चाहती है। हालांकी यह मुकाबला आसान नहीं होगा। एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस है। वहीं दूसरी तरफ असदुद्दीन ओवैसी भी अपने उम्मिदवार मैदान में उतार चुंके है। अगर मुस्लिम वोटों का बंटवारा होता है, तो चुनाव में इसका सीधा फायदा भाजपा को होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोट बैंक के दम पर ही ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई थी, लेकिन इस बार कांग्रेस का मैदान में उतरना उनके लिए बड़ी मुश्किल खड़ा कर सकता है।

कांग्रेस के दिग्गज नेता मैदान में

तृणमूल कांग्रेस छोड़कर कांग्रेस में वापसी करने वाली बेनजीर नूर को भी कांग्रेस ने अपना उम्मिदवार बनाया है। पार्टी ने उन्हे मालतीपुर सीट से टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने एक बड़ा दाव खेलते हुए पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को भी उम्मिदवार घोषित किया है। पार्टी ने उन्हे उनके गढ़ बहरामपुर से टिकट दिया है। इस सीट से चौधरी तीस साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे है। वहीं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने भवानीपुर विधानसभा सीट से प्रदीप प्रसाद को टिकट दिया है। वहीं इस सीट से भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को अपना उम्मिदवार घोषित किया है।

पढ़ें :- ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पत्र पर लगाया गंभीर आरोप, बोलीं- पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों का SIR त्रुटिपूर्ण और असंवैधानिक
Advertisement