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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस, यूपी के सभी जिलों में हल्ला बोल प्रदर्शन कर पीएम मोदी को संबोधित सौंपेंगी​ ज्ञापन

By संतोष सिंह 
Updated Date

वाराणसी। वाराणसी में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwarananda Saraswati, Shankaracharya of Jyotish Peeth) के समर्थन में यूपी कांग्रेस ने मंगलवार को बड़ा ऐलान किया है। सरकार की तानाशाही अब संतों तक पहुंच गई है। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी और उनके शिष्यों के साथ जो बदसलूकी हुई, वो सनातन परंपरा का अपमान है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर, इस जुल्म के खिलाफ 25 फरवरी को उत्तर प्रदेश के हर जिले में कांग्रेस हल्ला बोलेगी और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेगी। धर्म का चोला ओढ़ने वालों का असली चेहरा अब सबके सामने आ गया है।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आज पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वाराणसी स्थित श्री विद्यामठ पहुंचे और शंकराचार्य से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शंकराचार्य के खिलाफ हाल ही में दर्ज मुकदमे को राजनीतिक साजिश करार दिया और सनातन परंपरा का अपमान बताया। मुलाकात के बाद अजय राय ने घोषणा की कि कांग्रेस शंकराचार्य के साथ पूरी तरह खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह मामला सनातन धर्म की भावनाओं से जुड़ा है और सरकार द्वारा संतों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। अजय राय (Ajay Rai) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बड़ा एलान करते हुए बताया कि बुधवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी को ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज एफआईआर की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की जाएगी।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई है FIR

यह विवाद प्रयागराज के माघ मेले के दौरान शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोके जाने और बाद में उनके खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज होने से जुड़ा है। प्रयागराज की विशेष पोक्सो अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में मामला दर्ज हुआ है। शंकराचार्य ने इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक साजिश बताया है, जबकि विपक्षी दल इसे सरकार की ओर से संतों का अपमान मान रहे हैं।

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