गोंडा। यूपी के गोंडा की जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने जनपद में नहरों और माइनरों की अवैध कटान से हो रही रबी फसलों की तबाही को गंभीरता से लेते हुए सख्त रवैया अपनाया है। सरयू नहर खंड-प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश देते हुए डीएम ने कटान रोकने में फील्ड स्टाफ की लापरवाही पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। साथ ही, दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। जनपद में हाल के दिनों में नहर कटान की घटनाएं बढ़ी हैं। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से नहरों को काटा जा रहा है, जिससे ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हुई है। इस जलभराव के कारण किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और फसलें बर्बाद हो रही हैं।
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शरारती तत्वों पर सख्त कार्रवाई के आदेश
डीएम ने बताया कि जनता दर्शन और सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान किसानों ने नहर कटान और जलभराव से संबंधित शिकायतें लगातार दर्ज कराई थीं। नरहरपुर माइनर, अड़बड़वा-आर्यनगर माइनर, कूकनगर-बभनजोत, और शुकुलपुरवा-गौरवा क्षेत्रों में कटान के चलते किसानों को भारी नुकसान हुआ। इन समस्याओं को रोकने के लिए डीएम ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि अवैध कटान के लिए जिम्मेदार शरारती तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिशासी अभियंताओं से कहा कि ऐसी घटनाओं की पुष्टि होने पर स्थानीय पुलिस और उपजिलाधिकारी को तुरंत सूचित करें और आवश्यक कदम उठाएं।
फील्ड कर्मियों की जवाबदेही तय
जिलाधिकारी ने नहरों की निगरानी में फील्ड कर्मियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और फील्ड स्टाफ को सतर्क किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों से संवाद स्थापित करें और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही, अवैध कटान रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय कर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। डीएम ने साफ कहा कि अवैध कटान की घटनाओं को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।