गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में ₹692 करोड़ की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा, गाजीपुर के गहमर गांव ने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया और स्वतंत्र भारत में भी देश की सीमाओं की रक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गहमर गांव में 12,000 से अधिक सैनिक एवं सेना अधिकारी तथा 15,000 से अधिक सेवानिवृत्त सैनिक एवं सेना अधिकारी रहते हैं।
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उन्होंने कहा, आज गाजीपुर में महर्षि विश्वामित्र के नाम पर मेडिकल कॉलेज बन चुका है। गाजीपुर अब चारों दिशाओं से बेहतर फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ रहा है। गाजीपुर से काशी, लखनऊ और गोरखपुर की यात्रा अब सुगम हो गई है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और वाराणसी-गोरखपुर हाईवे इसके सशक्त आधार हैं। अब पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को चंदौली, वाराणसी होते हुए शक्तिनगर तक विस्तारित किया जाएगा। इससे गाजीपुर को और बेहतर एवं आधुनिक कनेक्टिविटी मिलेगी।
आज गाजीपुर का अपना मेडिकल कॉलेज है। चारों ओर से 4-लेन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। अब गाजीपुर से लखनऊ की दूरी मात्र साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकती है।
—मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी pic.twitter.com/9MbGglygGM
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) July 30, 2026
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मुख्यमंत्री ने कहा, गाजीपुर, जिसे लहुरी काशी भी कहा जाता है, अपना विशिष्ट आध्यात्मिक महत्व रखता है। यहां पवहारी बाबा का आश्रम है तथा भगवान परशुराम और महर्षि जमदग्नि का भी महत्वपूर्ण केंद्र यह जनपद रहा है। आज गाजीपुर में Spiritual Tourism से जुड़े स्थलों का पुनरुद्धार किया जा रहा है।