Ganesh Chaturthi 2026 : सनातन धर्म में भगवान श्रीगणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है। इसी क्रम में गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेश की स्थापना करना बेहद पवित्र माना जाता है। यदि आप अपने घर में बप्पा का स्वागत करने जा रहे हैं, तो सुख-समृद्धि और सकारात्मकता के लिए शास्त्रों के अनुसार सही विधि का पालन करना आवश्यक। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने और उनके विशेष मंत्रों का जप करने से जीवन के सभी विघ्न-बाधाओं, संकटों और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों में भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’ और ‘सुखकर्ता’ कहा गया है।
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गणपति स्थापना के लिए मध्याह्न काल (दोपहर का समय) सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था।
शुभ समय और विवरण
तिथि: 14 सितंबर 2026 (सोमवार)
स्थापना अवधि: सुबह 11:02 AM से दोपहर 01:31 PM तक (कुल अवधि लगभग 2 घंटे 29 मिनट
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश को दूर्वा प्रिय है। गणेश चतुर्थी पर भक्त बप्पा को दूर्वा जरूर चढ़ाते हैं। गणेश पूजा में दूर्वा की विशेष अहमियत है।