Aadhaar Card Update: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU-1) का शुल्क पूरी तरह से माफ कर दिया है। यह सुविधा 1 अक्टूबर से लागू हो गई है। अगले एक साल तक जारी रहेगी। इस फैसले से लगभग 6 करोड़ बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बता दें, पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए, आधार पंजीकरण (Aadhaar Registration) के दौरान केवल उनकी तस्वीर, नाम, जन्मतिथि, पता और जन्म प्रमाण पत्र लिया जाता है। इस उम्र में उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों का स्कैन नहीं लिया जाता, क्योंकि उनके बायोमेट्रिक्स अभी विकसित नहीं हुए होते हैं।
पढ़ें :- Good News : IRCTC 1 सितंबर से चलाएगा भारत गौरव ट्रेन, 4 ज्योतिर्लिंग और शिरडी साईं के होंगे दर्शन, जानें कितना होगा किराया
जैसे ही बच्चा पांच साल का होता है, उसके बायोमेट्रिक डेटा का पहला अनिवार्य अपडेट, जिसे MBU-1 कहा जाता है, किया जाता है। दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट (Biometric Update) 15 साल की उम्र में किया जाता है।
बायोमेट्रिक अपडेट के लिए लगता था 125 रुपये
पहले, इन अपडेट के लिए शुल्क 125 रुपये था, लेकिन अब यह सेवा 5 से 17 साल की उम्र के सभी बच्चों के लिए पूरी तरह से मुफ्त होगी। UIDAI का कहना है कि बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट करने से उनका आधार कार्ड (Aadhar card) अधिक सटीक और उपयोगी बनता है, जिससे स्कूल में Admissions, Scholarships, Entrance Exam Registration और DBT जैसी सरकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करना आसान हो जाता है।
हैदराबाद में “आधार संवाद” का आयोजन
पढ़ें :- इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट के प्रचार पर सरकार सख्त, मेटा को जारी किया नोटिस
पिछले महीने, UIDAI ने हैदराबाद में “आधार संवाद (Aadhar Samvaad)” सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें 700 से ज्यादा Policymakers, Startups और Industry Experts ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आधार से जुड़ी सेवाओं को और मजबूत बनाना था।
Aadhar डिजिटल बुनियादी ढांचे की नींव
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि आधार भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की नींव है। उन्होंने इसे सबसे सुरक्षित डेटाबेस बताया और कहा कि UIDAI को जन सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अपने इनोवेशन का और विस्तार करना चाहिए।