Guru Purnima 2024 : सनातनधर्म में गुरु को इस भौतिक संसार और परमात्म तत्व के बीच का सेतु कहा गया है। मान्यता है कि मनुष्य जीवन का सही अर्थ गुरु कृपा से ही प्राप्त होता है । गुरु जगत व्यवहार के पथ प्रदर्शक होते है। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि गुरु जीवन से अंधकार को दूर करते हैं। आषाढ़ की पूर्णिमा को हमारे शास्त्रों में गुरुपूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरु पूजा का विधान है। महाकाव्य रामचरित मानस में गौस्वामी तुलसीदास जी ने कई अवसरों पर गुरु महिमा का बखान किया है।
मानस के प्रथम सोपान बाल काण्ड में वह एक सोरठा में लिखते है-
पढ़ें :- Hanuman Jayanti 2026 : हनुमान जयंती 2026 पर आज करें बजरंगबली की पूजा, जानें भोग और विधि-विधान
बंदउँ गुरु पद कंज,
कृपा सिंधु नररूप हरि।
महामोह तम पुंज,
जासु बचन रबि कर निकर।
गुरु पूर्णिमा 21 जुलाई 2024 को है। ये दिन गुरु, विष्णु जी, मां लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन हल्दी के कुछ खास उपाय करने से करियर में सफलता प्राप्त होती है।
करियर में तरक्की – ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हल्दी को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। भगवान विष्णु का प्रिय रंग पीला है और हल्दी देवी लक्ष्मी को भी प्रिय है। ऐसे में मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा पर हल्दी की माला पहनने से ग्रह-दोषों से मुक्ति मिलती है। मानसिक शांति मिलती है जिससे करियर में व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में कामयाब होता है।
हल्दी माला
ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को ज्ञान, शिक्षा, भाग्य और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है, हल्दी माला पहनने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और इन गुणों में वृद्धि होती है।