हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में गुरुवार दोपहर अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर हमला कर दिया गया। देखते ही देखते वहां पर स्थिति बिगड़ती चली गई। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज भी किया लेकिन वहां पर बवाल थमा नहीं। देर रात तक पुलिस ने किसी तरह से स्थिति को कंट्रोल किया। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना के बाद अधिकारियों की बड़ी बैठक बुलाई और सख्त निर्देश दिए।
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हल्द्वानी की घटना पर पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा कि, दंगाइयों और उपद्रवियों के विरुद्ध करेंगे कठोरतम कार्रवाई…हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हुई घटना के संबंध में शासकीय आवास पर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। पुलिस को अराजक तत्वों से सख़्ती से निपटने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आगजनी पथराव करने वाले एक-एक दंगाई की पहचान की जा रही है। सौहार्द और शांति बिगाड़ने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जायेगा। हल्द्वानी की सम्मानित जनता से अनुरोध है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें।
बता दें कि, हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में मलिक के बगीचे में अवैध मदरसा और धर्मस्थल ढहाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, रामनगर कोतवाल समेत 300 से अधिक पुलिसकर्मी और निगमकर्मी घायल हो गए। उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाना भी फूंक दिया। पुलिस की जीप, जेसीबी, दमकल की गाड़ी दोपहिया समेत दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। आंसू गैस के गोले दागने और लाठी चार्ज के बाद भी जब हालात काबू में नहीं आए, तो सबसे पहले अधिकारी जान बचाने के लिए मौके से भाग लिए। पुलिस व निगम टीम जैसे-तैसे वहां से निकली। प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही पैर में गोली मारने के आदेश दिए हैं। शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है।