लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक पत्र के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) को घेरते हुए बड़ा हमला बोला है, जैसे-जैसे जनता की परेशानियां बढ़ रही हैं और दुनिया भर में अनिश्चितता गहराती जा रही है। मोदी सरकार (Modi Government) जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट गई है।
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक पत्र के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) को घेरते हुए बड़ा हमला बोला है, जैसे-जैसे जनता की परेशानियां बढ़ रही हैं और दुनिया भर में अनिश्चितता गहराती जा रही है। मोदी सरकार (Modi Government) जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट गई है। NEET और CBSE परीक्षा प्रक्रिया में सरकार की जो शर्मनाक लापरवाही सामने आई है, उससे लाखों छात्रोंऔर अभिभावकों का भरोसा टूटा है। इससे यह बात भी साबित हो गई है कि सरकार को भारत के भविष्य की कोई परवाह नहीं है। इस बीच, ईंधन की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता, उन कामकाजी परिवारों पर और भी ज़्यादा बोझ डाल रही हैं जो पहले से ही अपना गुजारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
अपने ही छात्रों के खिलाफ तैयार की गई परीक्षा
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने उन लाखों छात्रों के प्रति सहानुभूति जताई, जिन्होंने NEET के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन सरकार ने उनके साथ धोखा किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने शिक्षा व्यवस्था में RSS के अयोग्य वफादारों को भरकर, इसे सुनियोजित तरीके से तबाह करने का काम किया है। इसके परिणामस्वरुप महज़ एक दशक मेंही 80 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से मांग की किवे अपनी ज़िम्मेदारी से बचने वाले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Education Minister Dharmendra Pradhan) से इस्तीफा लें और पेपर लीक के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जेल भेजें। उन्होंने एक ऐसे परिवार से भी बात की, जिनके बच्चे ने पेपर लीक के कारण आत्महत्या कर ली थी।
https://newsletters.rahulgandhi.in/newsletter-may-31-2026-hi.pdf
हमारे बच्चे जवाब के हकदार हैं
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि उन लाखों छात्रों और अभिभावकों के साथ खड़े हुए, जिनका भविष्य CBSE कक्षा 12 की परीक्षाओं में हुई हेराफेरी के कारण खतरे में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि COEMPT नाम की एक कंपनी, जिसे पहले तेलंगाना में इसी तरह की गड़बड़ी के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया था, उसे CBSE का कॉन्ट्रैक्ट दे दिया गया। राहुल गांधी ने कुछ ज़रूरी सवाल उठाए: ब्लैकलिस्टेड कंपनी COEMPT को CBSE का कॉन्ट्रैक्ट किसने दिया? किन प्रक्रियाओं को नज़रअंदाज़ किया गया? प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? राहुल गांधी ने एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT गठन की भी मांग की।
आ रहा है आर्थिक तूफान
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने चेतावनी दी कि भारत पर एक आर्थिक तूफ़ान मंडरा रहा है, और सरकार इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। जहां एक तरफ़ प्रधानमंत्री मोदी नागरिकों को गाड़ी कम चलाने, सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की नसीहत दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ वे खुद इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ रील्स बनाने में व्यस्त हैं, और देश में बढ़ रही मुश्किलों से बेखबर हैं। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री की इस PR स्टंट की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जब ईंधन और खाद के कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, उद्योग ठप पड़े हैं, और किसान बदहाल हैं,तब सरकार का ध्यान बस फ़ोटो-ऑप्स पर है।