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गावस्कर की IPL टीमों को सलाह: स्काउट्स चूना लगा रहे हैं, छोटी लीगों के प्रदर्शन पर न लगाएं करोड़ों का दांव

एक कॉलम में लिखते हुए गावस्कर ने लिखा कि स्थानीय लीगों और आईपीएल के स्तर में बड़ा अंतर है। छोटी लीगों में बड़े शॉट लगाने वाले कई बल्लेबाज आईपीएल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष करते नजर आते हैं। ऐसे में केवल कुछ मैचों या चर्चित प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन करना जोखिम भरा हो सकता है..

By Harsh 
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IPL Updates: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने आईपीएल फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों के चयन को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि राज्य और शहर स्तर की टी20 लीगों में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी आईपीएल में उच्च स्तर की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाते।

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एक कॉलम में लिखते हुए गावस्कर ने लिखा कि स्थानीय लीगों और आईपीएल के स्तर में बड़ा अंतर है। छोटी लीगों में बड़े शॉट लगाने वाले कई बल्लेबाज आईपीएल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष करते नजर आते हैं। ऐसे में केवल कुछ मैचों या चर्चित प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन करना जोखिम भरा हो सकता है।

उन्होंने फ्रेंचाइजियों के स्काउटिंग सिस्टम पर भी सवाल उठाए। गावस्कर के मुताबिक कई बार स्काउट्स खिलाड़ियों की वास्तविक क्षमता के बजाय उनके एजेंटों, प्रचार या कुछ यादगार पारियों से प्रभावित हो जाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि टीमें करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद खिलाड़ियों से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं हासिल कर पातीं।

उन्होंने आगे लिखा कि जब कोई टीम किसी खिलाड़ी को बड़ी रकम देकर खरीदती है और फिर उसे कुछ मैचों के बाद ही बाहर बैठा देती है, तो यह स्काउटिंग प्रक्रिया की कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने माना कि आईपीएल ऐसा मंच है जहां खिलाड़ियों की असली क्षमता बहुत जल्दी सामने आ जाती है और बढ़ा-चढ़ाकर बनाई गई छवि ज्यादा समय तक नहीं टिकती।

गावस्कर ने यह भी लिखा कि कई खिलाड़ी पूरे सीजन में साधारण प्रदर्शन करते हैं, लेकिन एक अच्छी पारी के दम पर अगले सीजन के लिए फिर से टीमों का भरोसा हासिल कर लेते हैं। उनके अनुसार फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों के चयन में अधिक गहराई से मूल्यांकन करना चाहिए, ताकि केवल एक-दो प्रदर्शन के आधार पर बड़े फैसले न लिए जाएं।

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