अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को खेले गए आईपीएल के फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को पांच विकेट से हराते हुए लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी में कब्जा किया है। इसी के साथ अब आरसीबी, चेन्नई सुपरकिंग्स और मुंबई इंडियंस के बाद अपनी आईपीएल ट्रॉफी डिफेंड करने वाली सिर्फ तीसरी टीम बन गई।
अहमदाबाद। अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को खेले गए आईपीएल के फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को पांच विकेट से हराते हुए लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी में कब्जा किया है। इसी के साथ अब आरसीबी, चेन्नई सुपरकिंग्स और मुंबई इंडियंस के बाद अपनी आईपीएल ट्रॉफी डिफेंड करने वाली सिर्फ तीसरी टीम बन गई।
बता दें कि एक दौर था जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को ‘चोकर्स’ कहा जाता था। टीम को अपना पहला आईपीएल खिताब जीतने के लिए 17 साल का इंतजार करना पड़ा था। मगर अब कहानी बदल चुकी है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी ट्रॉफी जीत ली है। दुनिया के सबसे बड़ा क्रिकेट ग्राउंड नरेंद्र मोदी स्टेडियम इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जब 31 मई की रात आरसीबी ने आईपीएल 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीती और अपना टाइटल डिफेंड करने वाली सिर्फ तीसरी टीम बन गई। इससे पहले चेन्नई सुपरकिंग्स (2010 और 2011) और मुंबई इंडियंस (2019-2020) ही ऐसा कर पाई है।
विराट ने ठोकी आईपीएल की अपनी सबसे तेज फिफ्टी
लाल जर्सी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की इस सुनहरी कहानी का सबसे बड़ा किरदार विराट कोहली थे। फाइनल में मिले 156 रन के लक्ष्य के जवाब में अकेले विराट कोहली ने ही 75 (45) रन बना दिए। 25 गेंदों में उन्होंने अपने आईपीएल इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक भी जड़ा। एक छोर से विकेट गिर रहे थे, लेकिन किंग ने जिम्मेदारी समझी और खुद से वादा किया कि वह आखिरी पल तक क्रीज पर रहेंगे।मैच फिनिश करके ही दम लेंगे और किया भी यही।
कप्तान रजत पाटीदार ने की धोनी-विराट की बराबरी
इस खिलाड़ी की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम। ऑक्शन में अनसोल्ड रहने के बाद तीन साल पहले उन्हें आरसीबी मैनेजमेंट ने बतौर इंजरी रिप्लेसमेंट साइन किया था। वहां से पाटीदार का कप्तान बनने तक का सफर अद्भुत है। 2025 में अपनी कप्तानी में इस युवा प्लेयर ने आरसीबी को पहली बार चैंपियन बनाया था और अब लगातार दूसरा टाइटल जीतते ही उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा सरीखे महान कप्तानों के क्लब में एंट्री मार ली है। पाटीदार से पहले सिर्फ धोनी और रोहित ही अपनी टीम को आईपीएल ट्रॉफी डिफेंड करवा पाए हैं।
भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैच में 28 विकेट लिए
अनुभवी भुवनेश्वर कुमार ने भी साबित किया कि एक्सपीरियंस का कोई रिप्लेसमेंट नहीं होता। उन्होंने न सिर्फ फाइनल में 29 रन देकर दो विकेट लिए बल्कि पूरे टूर्नामेंट में आरसीबी के सबसे बड़े मैच विनर के रूप में उभरे। भुवी ने इस सीजन 16 मैच में 7.94 की किफायती इकॉनॉमी से कुल 28 विकेट झटके और बेहद करीबी अंतर से पर्पल कैप हथियाने से चूक गए। भुवी को जोश हेजलवुड का भी बखूबी साथ मिला। ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने 13 मैच में 15 विकेट लिए।
फाइनल में बुरी तरह लड़खड़ाई गुजरात टाइटंस
कप्तान शुभमन गिल ने कहा था कि टॉस जीतकर वो भी पहले बैटिंग ही करते इसलिए टॉस हारने का कोई मलाल नहीं, लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने धीमी पिच का पूरा फायदा उठाते हुए गुजरात को आठ विकेट पर 155 रन ही बनाने दिए। आरसीबी के लिए रसिख सलाम ने तीन जबकि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने दो-दो विकेट चटकाए। कृणाल पंड्या ने 23 रन देकर एक विकेट झटका।
13वें ओवर में पहला छक्का लगा पाई गुजरात
नरेंद्र मोदी स्टेडियम की लाल और काली मिट्टी के मिश्रण वाली पिच पर शॉट खेलना बिलकुल भी आसान नहीं था जो गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी में साफ झलक रही थी, जिससे गुजरात को अपनी पारी का पहला छक्का लगाने के लिए 13वें ओवर तक इंतजार करना पड़ा जो क्रुणाल की गेंद पर अरशद खान (15 रन) मिड-विकेट के ऊपर से लगाया था। आरसीबी के गेंदबाजों के दबदबे का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि घरेलू टीम की पारी में (अरशद के दो और राशिद खान के एक छक्के से) केवल तीन छक्के शामिल थे।