उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद कोतवाली क्षेत्र में उभरते हुए पैरा-ओलंपिक खिलाड़ी चिराग त्यागी की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। शनिवार को साईं उपवन में चिराग का शव मिला था, जिसके शरीर पर गोलियों के दो घाव थे...
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद कोतवाली क्षेत्र में उभरते हुए पैरा-ओलंपिक खिलाड़ी चिराग त्यागी की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। शनिवार को साईं उपवन में चिराग का शव मिला था, जिसके शरीर पर गोलियों के दो घाव थे। पुलिस ने इस मामले में चिराग के ही एक साथी 17 वर्षीय र्पैरा-खिलाड़ी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली गई है।
शिकायत का बदला लेने के लिए की हत्या
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी और चिराग दोनों ही ‘ब्लाइंड कैटेगरी’ के एथलीट हैं। चिराग ने आरोपी के खेल से जुड़े कुछ दस्तावेजों (डॉक्यूमेंट्स) को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने चिराग को रास्ते से हटाने का खौफनाक कदम उठाया। पुलिस ने नाबालिग आरोपी को पकड़कर कोर्ट में पेश कर दिया है।
देश ने खोया एक चमकता हुआ सितारा
चिराग की मौत से खेल जगत और उनके गृहनगर मुरादनगर में मातम पसरा हुआ है। चिराग एक बेहद होनहार एथलीट थे, जिन्होंने हाल ही में बेंगलुरु नेशनल प्रतियोगिता की 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीता था। यही नहीं, उन्होंने इसी साल अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया था और इन दिनों दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रहकर इसकी तैयारी कर रहे थे।
माता-पिता का इकलौता सहारा छिना
चिराग अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनके पिता मनोज त्यागी ने रोते हुए बताया कि उन्होंने बेटे के करियर को संवारने के लिए अपनी जिंदगी भर की सारी जमा-पूंजी लगा दी थी। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।