बकरीद के दिन हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया था। 17 वर्षीय सूर्या चौहान को उसके नाबालिग दोस्त के जरिए फोन कर बुलाया गया था। आरोप है कि असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले सूर्या को घेरा और फिर उस पर चाकू से कई वार किए। परिजनों और पुलिस जांच के मुताबिक हमला करने से पहले असद ने सूर्या से कहा था...
गाजियाबाद के चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असद को एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक आरोपी शहर छोड़कर भागने की कोशिश में था। रविवार तड़के करीब 4 बजे वसुंधरा इलाके में पुलिस ने उसे घेर लिया। खुद को घिरता देख असद ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने एक दिन पहले ही असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी थीं।
“बकरा हलाल होते देखा है?” कहकर किया हमला
बकरीद के दिन हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया था। 17 वर्षीय सूर्या चौहान को उसके नाबालिग दोस्त के जरिए फोन कर बुलाया गया था। आरोप है कि असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले सूर्या को घेरा और फिर उस पर चाकू से कई वार किए।

सीसीटीवी फुटेज_ आरोपीयों ने चारो तरफ से घेर कर चाकू से गोदा
परिजनों और पुलिस जांच के मुताबिक हमला करने से पहले असद ने सूर्या से कहा था, “क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? आओ, दिखाते हैं।” घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसके बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, एनकाउंटर की खबर मिलने के बाद सूर्या की मां ने कहा कि उन्हें तभी भरोसा होगा जब असद की लाश की तस्वीर दिखाई जाएगी। उन्होंने बाकी आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की।

सूर्या की हत्या के बाद गहरे सदमे में विलाप करती हुई मां
मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। रविवार सुबह प्रदेश सरकार में मंत्री सुनील कुमार शर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दिलाने की बात भी कही।

सूर्या के घर के बाहर तैनात पुलिस बल
इधर, कई हिंदूवादी संगठन भी मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए सूर्या के घर के बाहर भारी पुलिस बल और आरआरएफ की तैनाती की गई है। सुरक्षा कारणों से आसपास के बाजार भी बंद करवा दिए गए। शनिवार को इस घटना को लेकर करीब 10 घंटे तक हंगामा चलता रहा था। परिवार ने पहले अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था, लेकिन देर शाम पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद अंतिम संस्कार कराया गया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी बयान जारी कर कहा था कि दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं बसपा सुप्रीमों मायावती ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।