उत्तर प्रदेश के सीतापुर में हुए सनसनीखेज 'परदेसी बाबा' हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. आरोपी ने कबूला कि उसकी मां पिछले करीब 17-18 सालों से परदेसी बाबा (सत्यनारायण यादव) के संपर्क में थी। नागेंद्र को पूरा शक था कि बाबा ने उसकी मां पर कोई तांत्रिक जाल बिछा रखा है और इसी वजह से उसका घर बर्बाद हो रहा था...
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में हुए सनसनीखेज ‘परदेसी बाबा’ हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस कत्ल की वजह कोई आपसी रंजिश या लूट नहीं, बल्कि अंधविश्वास और मां को तांत्रिक के चंगुल से छुड़ाने का पागलपन था। पुलिस ने मुख्य आरोपी नागेंद्र को कत्ल में इस्तेमाल किए गए चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने जो कहानी बताई, उसने पुलिस अफसरों को भी हैरान कर दिया।
18 साल का गुस्सा और 6 महीने पहले मिली धमकी
पूछताछ में आरोपी नागेंद्र ने कबूला कि उसकी मां पिछले करीब 17-18 सालों से परदेसी बाबा (सत्यनारायण यादव) के संपर्क में थी। नागेंद्र को पूरा शक था कि बाबा ने उसकी मां पर कोई तांत्रिक जाल बिछा रखा है और इसी वजह से उसका घर बर्बाद हो रहा था। करीब छह महीने पहले नागेंद्र का बाबा से इस बात को लेकर भारी विवाद भी हुआ था, जहां बाबा ने उसकी मां को अपने प्रभाव से मुक्त करने से साफ मना कर दिया। बस इसी खुन्नस में नागेंद्र ने 12 मई की रात चाकू से गला रेतकर परदेसी बाबा को मौत के घाट उतार दिया। 13 मई को संदना थाना इलाके में बाबा की लाश बरामद हुई थी।
सबूत मिटाने के लिए नदी में फेंका फोन, जलाए दस्तावेज
कत्ल करने के बाद आरोपी ने शातिर अपराधियों की तरह सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। उसने बाबा की पहचान छुपाने के लिए उनका आईडी कार्ड और कपड़े जला दिए। यही नहीं, खुद के खून से सने कपड़े भी आग के हवाले कर दिए और बाबा का मोबाइल फोन शारदा नदी में फेंक दिया ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके।
हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के आगे आरोपी की यह चालाकी धरी की धरी रह गई। पुलिस ने न सिर्फ आरोपी को दबोचा, बल्कि उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हुआ नुकीला चाकू भी बरामद कर लिया है। इस खौफनाक वारदात ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और उसके घातक नतीजों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।