Abhishek Banerjee attacked : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में शनिवार को पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर जानलेवा हमला हुआ। इस हमले में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को गंभीर चोटें आयी हैं और शनिवार देर रात अस्पताल से घर ले जाया गया। जिसके बाद देश की सियासत गरमाने लगी है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्षी नेताओं इसको लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।
Abhishek Banerjee attacked : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में शनिवार को पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर जानलेवा हमला हुआ। इस हमले में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को गंभीर चोटें आयी हैं और शनिवार देर रात अस्पताल से घर ले जाया गया। जिसके बाद देश की सियासत गरमाने लगी है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्षी नेताओं इसको लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।
अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया। ममता बनर्जी ने मीडिया से कहा कि अगर हमले के दौरान अभिषेक के सिर पर हेलमेट न होता तो उनकी जान भी जा सकती थी। अभिषेक की छाती के पास खून के थक्के जम गए हैं। पूर्व सीएम ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमले के दौरान अभिषेक बनर्जी की आंखों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई थी। इसके अलावा, टीएमसी प्रमुख ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर राजनीतिक दबाव के चलते इलाज न देने और जबरन डिस्चार्ज कराने का गंभीर आरोप लगाया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक शख्स एक बड़ा पत्थर अभिषेक बनर्जी के चेहरे पर फेंकता है, जिससे उनका चश्मा गिर जाता है और हेलमेट भी टूट जाता है।
Stones hurled at TMC MP Abhishek Banerjee in South 24 Pargana during his visit to Sonarpur pic.twitter.com/X0uMa7hP77
— Indrajit Kundu | ইন্দ্রজিৎ (@iindrojit) May 30, 2026
दूसरी तरफ, सत्ताधारी भाजपा के नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को जनता का गुस्सा करार दे रहे हैं। इस हमले को लेकर पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “अभिषेक बनर्जी के साथ जो कुछ हुआ, वह जनता का गुस्सा है; यह पिछले 15 सालों में TMC के अत्याचारों और उसकी हिंसक राजनीति का नतीजा है।” भाजपा सांसद सौमित्र खान का कहना है कि “…उनके अत्याचारों को लेकर जनता के गुस्से का ही यह नतीजा है। अब अभिषेक बनर्जी को अपनी राजनीति सड़कों पर लानी होगी…”